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न्यू स्टार्ट पर रूस का रुख स्पष्ट: अमेरिका पालन करेगा तभी सीमाएं मानेंगे

February 12, 2026

मॉस्को। रूस ने कहा है कि ‘न्यू स्टार्ट’ (‘New Start’) परमाणु हथियार नियंत्रण संधि (Nuclear arms Control treaty) की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह हथियारों की निर्धारित सीमाओं का सम्मान जारी रखेगा, लेकिन यह तभी संभव होगा जब अमेरिका (US) भी समान प्रतिबद्धता दिखाए। संधि 5 फरवरी 2026 को समाप्त हो गई, जिसके बाद पहली बार दशकों में दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों पर कोई बाध्यकारी कानूनी ढांचा नहीं रह गया है।



  • लावरोव का संसद में बयान
    रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने स्टेट ड्यूमा (निचले सदन) को संबोधित करते हुए कहा कि रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा प्रस्तावित व्यवस्था पर अब तक अमेरिका की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं देखी है। उन्होंने कहा कि रूस एकतरफा तरीके से भी संधि की सीमाओं का सम्मान करता रहेगा, लेकिन यह “मोरेटोरियम” तब तक लागू रहेगा जब तक अमेरिका इन सीमाओं का उल्लंघन नहीं करता।

    लावरोव के अनुसार, रूस अमेरिकी सैन्य नीति और रणनीतिक गतिविधियों का विश्लेषण करते हुए “जिम्मेदारीपूर्ण और संतुलित” निर्णय लेगा।

    अनौपचारिक विस्तार की अटकलों से इनकार
    यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया जिनमें दावा किया गया था कि अबू धाबी में हुई वार्ता के दौरान दोनों देशों ने कुछ समय के लिए अनौपचारिक रूप से संधि जैसी सीमाएं बनाए रखने पर चर्चा की।
    क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ऐसी किसी भी अनौपचारिक व्यवस्था से इनकार करते हुए कहा कि यदि कोई विस्तार होगा तो वह केवल औपचारिक समझौते के तहत ही संभव है।

    पेस्कोव ने यह भी पुष्टि की कि अबू धाबी में भविष्य के परमाणु हथियार नियंत्रण ढांचे पर बातचीत हुई थी। उसी दौरान रूस, अमेरिका और यूक्रेन से जुड़े प्रतिनिधिमंडलों के बीच यूक्रेन संकट पर भी चर्चा चली।

    पुतिन का पूर्व प्रस्ताव और अमेरिका का रुख
    राष्ट्रपति पुतिन पहले संकेत दे चुके हैं कि यदि वाशिंगटन संधि के प्रावधानों का पालन करता है तो रूस अतिरिक्त अवधि तक इन सीमाओं का अनुपालन करने को तैयार है।
    दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना रहा है कि किसी भी नए समझौते में चीन को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिसे बीजिंग ने स्वीकार नहीं किया है।

    क्या थी ‘न्यू स्टार्ट’ संधि
    ‘न्यू स्टार्ट’ (New Strategic Arms Reduction Treaty) पर 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने हस्ताक्षर किए थे। यह शीत युद्ध के बाद परमाणु हथियारों को सीमित करने वाली लंबी श्रृंखला का नवीनतम समझौता था, जिसकी शुरुआत 1972 के SALT-I समझौते से हुई थी।

    संधि के तहत दोनों देशों को अधिकतम:

    700 तैनात अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल और बमवर्षक प्लेटफॉर्म

    1550 तैनात परमाणु वारहेड
    रखने की अनुमति थी।

    यह समझौता मूल रूप से 2021 में समाप्त होना था, लेकिन इसे पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया था।

    निरीक्षण व्यवस्था ठप पड़ने से बढ़ा अविश्वास
    संधि के अनुपालन की निगरानी के लिए व्यापक ऑन-साइट निरीक्षण व्यवस्था थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 में निरीक्षण रुक गए और फिर दोबारा शुरू नहीं हो सके।
    फरवरी 2023 में रूस ने संधि में अपनी भागीदारी निलंबित कर दी थी, यह कहते हुए कि मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिकी निरीक्षण की अनुमति देना संभव नहीं है, खासकर जब नाटो देश यूक्रेन युद्ध में रूस के खिलाफ खड़े हैं।

    न्यू स्टार्ट की समाप्ति ने वैश्विक सामरिक संतुलन को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। रूस का सशर्त पालन का संकेत जहां संवाद की गुंजाइश दिखाता है, वहीं किसी नए व्यापक समझौते के अभाव में परमाणु हथियारों की नई प्रतिस्पर्धा की आशंका भी बढ़ गई है।

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