
इंदौर। इंदौर (Indore) में बच्चा चोरी की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में बच्चा चोरी की संगठित घटनाओं की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कुछ लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 1400 गुमशुदा बच्चों के प्रकरण दर्ज किए गए थे। इनमें से करीब 1200 बच्चों को पुलिस ने तलाश कर उनके परिजनों से मिलवा दिया है। शेष मामलों में भी लगातार तलाश अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है कि गुमशुदगी के अधिकांश मामले पारिवारिक विवाद, घर से नाराज होकर चले जाना या अन्य सामाजिक कारणों से जुड़े होते हैं, न कि बच्चा चोरी गिरोह से।
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश और पुराने वीडियो शेयर कर रहे हैं, जिससे लोगों में भय का वातावरण बन रहा है। ऐसे मामलों में साइबर सेल को अलर्ट कर दिया गया है और संदिग्ध पोस्ट की मॉनिटरिंग की जा रही है। अफवाह फैलाने वालों पर आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए जा सकते हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना को बिना सत्यापन के साझा न करें।
यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। कानून हाथ में लेने या अफवाह के आधार पर किसी व्यक्ति से मारपीट करने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए विशेष टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। आमजन से सहयोग की अपेक्षा करते हुए पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शहर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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