नई दिल्ली। राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence) का ऐसा रूप देखने को मिल रहा है, जहां तकनीक केवल उद्योग नहीं, बल्कि संस्कृति, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर भी बदलने जा रही है। इस आयोजन में भारतीय और विदेशी कंपनियों के सैकड़ों प्रदर्शनों के जरिए AI के व्यावहारिक उपयोग को प्रदर्शित किया जा रहा है।
टेलीकॉम कंपनी Jio ने यहां “Jio Sanskriti – AI of Storytelling and Culture” नाम से विशेष प्रदर्शनी लगाई है। इसमें महाभारत के पात्रों को डिजिटल अवतार के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो स्वयं दर्शकों से संवाद करते हैं।
‘होलो ट्यूब’ तकनीक के जरिए तैयार किए गए इन होलोग्राम पात्रों से दर्शक प्रश्न पूछ सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, जब एक सच्चे योद्धा की पहचान के बारे में पूछा जाता है तो डिजिटल रूप में उपस्थित अर्जुन शास्त्रीय संदर्भों के साथ उत्तर देते हैं।
ये अवतार पहले संस्कृत में संवाद करते हैं और फिर उसका हिंदी अनुवाद सुनाई देता है—जिससे परंपरा और तकनीक का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
इसी तरह एकाग्रता पर प्रश्न पूछने पर अर्जुन, भगवान कृष्ण के उपदेशों का उल्लेख करते हुए उत्तर देते हैं। यह अनुभव दर्शकों को प्राचीन ज्ञान को आधुनिक माध्यम से समझने का नया तरीका देता है।
हेल्थकेयर में AI: ऑपरेशन थिएटर तक पहुंची मशीन इंटेलिजेंस
समिट में AI-सक्षम रोबोटिक सर्जरी सिस्टम भी प्रदर्शित किए गए हैं, जो भविष्य में जटिल ऑपरेशनों में डॉक्टरों की मदद कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सिस्टम दूरदराज के इलाकों में इलाज की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते।
AI-आधारित सर्जरी तकनीक को ऐसे समाधान के रूप में देखा जा रहा है, जो कठिन मामलों में अधिक सटीकता, कम जोखिम और बेहतर रिकवरी सुनिश्चित कर सके।
स्मार्ट शहरों और सुरक्षा में भी AI की एंट्री
एक्सपो में ऐसे AI-इनेबल्ड कैमरे भी दिखाए गए, जो अत्यधिक तापमान वाले क्षेत्रों—जैसे जैसलमेर—में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। इनका उपयोग निगरानी, अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने में किया जा सकता है।
इसके अलावा, मल्टीमीडिया डिलीवरी सिस्टम, स्मार्ट लॉजिस्टिक्स और शहरी सेवाओं को AI के जरिए अधिक तेज और कुशल बनाने वाले समाधान भी प्रस्तुत किए गए।
20 फरवरी तक चलेगा आयोजन, 300 से अधिक प्रदर्शनी
AI इम्पैक्ट समिट 20 फरवरी तक जारी रहेगा।
आयोजन में लगभग 300 प्रदर्शनी, 3,250 से अधिक स्पीकर्स और पैनलिस्ट भाग ले रहे हैं, जहां अलग-अलग क्षेत्रों—हेल्थकेयर, शिक्षा, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और सांस्कृतिक संरक्षण—में AI के परिवर्तनकारी प्रभाव पर चर्चा हो रही है।
यह समिट दिखाता है कि AI केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान का ऐसा औज़ार बन चुका है जो भारत में परंपरा को डिजिटल रूप दे रहा है और अस्पताल से लेकर स्मार्ट शहरों तक नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रहा है।
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