कोलकाता/ढाका। पश्चिम बंगाल की राजनीति में मस्जिद निर्माण (Mosque construction) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) ने आरोप लगाया कि जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) को मुर्शिदाबाद में बन रही मस्जिद के लिए आधी धनराशि बांग्लादेश से मिली है।
अधिकारी ने दावा किया कि कबीर पिछले वर्ष सितंबर में एक सप्ताह के लिए बांग्लादेश गए थे और वहीं से मस्जिद निर्माण के लिए फंड जुटाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह धन कथित तौर पर कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े दानदाताओं के माध्यम से आया।
अधिकारी ने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा के दोनों ओर कट्टरपंथी ताकतें सक्रिय हो रही हैं, जो सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिहाज से चिंताजनक है।
हुमायूं कबीर का पलटवार-“सारे आरोप निराधार”
इन आरोपों को खारिज करते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी बांग्लादेश यात्रा पूरी तरह निजी थी और इसका मस्जिद निर्माण से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा, “मेरी यात्रा का पूरा विवरण सार्वजनिक है। मैं 10 अक्टूबर को मालदा होते हुए भारत लौटा था। अगर शुभेंदु अधिकारी चाहें तो मैं उन्हें पूरा कार्यक्रम भेज सकता हूं।”
कबीर ने आरोपों को “बेतुका” बताते हुए कहा कि मस्जिद के लिए धन देश के भीतर से पारदर्शी तरीके से जुटाया गया और इसे किसी विदेशी फंडिंग से जोड़ना गलत है।
जांच की मांग करने की चुनौती
कबीर ने कहा कि यदि किसी को संदेह है तो मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जा सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बांग्लादेश केवल दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने गए थे।
पहले भी रखी जा चुकी है मस्जिद की नींव
बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष 6 दिसंबर को कबीर ने प्रस्तावित मस्जिद की आधारशिला रखी थी, जिसके बाद से यह मुद्दा स्थानीय और राजनीतिक स्तर पर चर्चा में है।
मस्जिद निर्माण को लेकर लगे आरोप-प्रत्यारोप ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर भाजपा नेता विदेशी फंडिंग का सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर हुमायूं कबीर इसे राजनीतिक आरोप बताते हुए पारदर्शिता की बात कर रहे हैं। फिलहाल मामला बयानबाज़ी के दौर में है, लेकिन आगे जांच की मांग तेज हो सकती है।
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