मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में दिवंगत नेता अजित पवार (Ajit Pawar) के विमान हादसे की जांच (Plane crash Investigation) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Sharad Pawar faction) के विधायक रोहित पवार (Rohit Pawar) ने जांच में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाते हुए आशंका जताई है कि कहीं यह समय सबूत नष्ट करने के लिए तो नहीं दिया जा रहा।
रोहित पवार ने कहा कि जांच एजेंसियों की धीमी कार्रवाई कई संदेह पैदा करती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या एजेंसियां मामले की गंभीरता समझने में विफल रहीं या फिर विमान आपूर्ति से जुड़ी कंपनी को राहत देने की कोशिश हो रही है।
ब्लैक बॉक्स क्षतिग्रस्त होने के दावे पर भी उठे सवाल
जांच अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के बाद लगी भीषण आग और अत्यधिक तापमान के कारण विमान का ब्लैक बॉक्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि, एजेंसियों के अनुसार लेवल-3 का कुछ संचार डेटा प्राप्त किया गया है, लेकिन रोहित पवार इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई बड़े विमान हादसों में ब्लैक बॉक्स सुरक्षित बरामद किए गए हैं, ऐसे में इस मामले में उसका पूरी तरह क्षतिग्रस्त होना संदेह को और बढ़ाता है। उनके मुताबिक, जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।
“दुर्घटना या साजिश?” परिवार ने मांगी पारदर्शी जांच
रोहित पवार ने कहा कि इस हादसे को केवल एक दुर्घटना मान लेना जल्दबाज़ी होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि यह पता लगाना सबसे जरूरी है कि घटना वास्तव में दुर्घटना थी या किसी सुनियोजित साजिश का परिणाम।
राजनीति से ऊपर बताया गया मामला
रोहित पवार ने कहा कि पार्टी से जुड़े अन्य राजनीतिक मुद्दे फिलहाल गौण हैं और परिवार की प्राथमिकता केवल हादसे की सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने संकेत दिया कि उचित समय पर वे अपने पास मौजूद तथ्यों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करेंगे।
अजित पवार की विमान दुर्घटना अब महज हादसा नहीं, बल्कि राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बन गई है। जांच की रफ्तार, ब्लैक बॉक्स की स्थिति और संभावित साजिश के आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि जांच एजेंसियां संदेह दूर कर पाती हैं या विवाद और गहराता है।
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