
नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026)के ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया (Australia)ने जिस अंदाज में ओमान को रौंदा, उसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। मुकाबला एकतरफा रहा, लेकिन असली सुर्खियां बटोरीं (collected)ऑस्ट्रेलियाई कप्तान Mitchell Marsh (Australian captain Mitchell Marsh)ने, जिनकी तूफानी बल्लेबाजी ने न सिर्फ मैच खत्म किया बल्कि रिकॉर्ड बुक (record books)में भी हलचल मचा दी।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ओमान की टीम एडम जैंपा की फिरकी के सामने टिक नहीं सकी। जैंपा की सटीक और कातिलाना गेंदबाजी ने ओमान की पारी को 16.2 ओवर में महज 104 रन पर समेट दिया। लक्ष्य छोटा था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने इसे और भी छोटा साबित कर दिया। 105 रनों का टारगेट कंगारू टीम ने सिर्फ 9.4 ओवर में हासिल कर लिया और अपने अभियान का समापन धमाकेदार अंदाज में किया।
इस जीत के नायक रहे मार्श, जिन्होंने 33 गेंदों पर नाबाद 64 रन की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता, आत्मविश्वास और नेतृत्व का बेहतरीन संगम दिखा। 7 चौके और 4 आसमानी छक्कों से सजी इस पारी में सबसे खास बात रही पावरप्ले का तूफान। पहले छह ओवरों में ही मार्श ने 53 रन ठोक डाले। यही वह उपलब्धि रही जिसने उन्हें रिकॉर्ड लिस्ट में नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पावरप्ले के दौरान यह दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इससे पहले इस सूची में दूसरे स्थान पर भारत के पूर्व कप्तान Rohit Sharma थे, जिन्होंने 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले छह ओवरों में 51 रन बनाए थे। मार्श ने हिटमैन को पीछे छोड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया और साबित कर दिया कि बड़े मंच पर वह कितने खतरनाक हो सकते हैं।
पावरप्ले में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अब भी नीदरलैंड्स के बल्लेबाज Stephen Myburgh के नाम है। उन्होंने 2014 में आयरलैंड के खिलाफ पहले छह ओवरों में 57 रन बनाए थे। 12 साल बीत जाने के बावजूद कोई भी बल्लेबाज इस आंकड़े को पार नहीं कर सका है। मार्श जरूर करीब पहुंचे, लेकिन रिकॉर्ड फिलहाल मायबर्ग के नाम सुरक्षित है।
इस सूची में भारत के अन्य बल्लेबाजों का भी नाम शामिल है। केएल राहुल ने 2021 में स्कॉटलैंड के खिलाफ पावरप्ले में 50 रन जड़े थे, जबकि ईशान किशन ने 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले छह ओवरों में अर्धशतक जमाया था। क्विंटन डी कॉक, जेसन रॉय, क्रिस गेल और महेला जयवर्धने जैसे दिग्गज भी इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बना चुके हैं।
मार्श की यह पारी सिर्फ एक तेजतर्रार इनिंग नहीं थी, बल्कि एक संदेश भी थी। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने दिखा दिया कि वह बड़े टूर्नामेंट में किस तरह विपक्षी टीम पर दबाव बनाती है। 9.4 ओवर में लक्ष्य हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि टीम आक्रामक क्रिकेट की नई परिभाषा गढ़ रही है।
ग्रुप स्टेज का यह मुकाबला भले ही औपचारिकता भर रहा हो, लेकिन मार्श की पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। रिकॉर्ड टूटते हैं और बनते हैं, मगर जिस अंदाज में यह कारनामा हुआ, उसने टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved