
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा (Congress MP Pawan Kheda) ने कहा कि मानहानि मामले में राहुल गांधी को बरी करने का कोर्ट का फैसला (Court’s Decision to acquit Rahul Gandhi in Defamation Case) स्वागतयोग्य है (Is Welcome) ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर 2018 में की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बरी किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने जश्न मनाया। कांग्रेस नेताओं ने एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले पर कहा कि हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि हम अदालत के आदेश और उसकी टिप्पणियों का स्वागत करते हैं। यह आदेश उस मामले से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी ने 2018 में अमित शाह के खिलाफ एक टिप्पणी की थी। अदालत ने इसे ‘मानहानि न करने वाला’ माना है। हम इसका स्वागत करते हैं। इसी बीच, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने पीएम मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादित बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भाजपा के लोग खड़गे के बयान को लेकर तूल दे रहे हैं, यह भाजपा के बौद्धिक और नैतिक दिवालियापन को दर्शाता है। आप रोज सोनिया गांधी के बारे में भद्दी बातें कहते हैं, इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं, रोज राहुल गांधी को अपशब्द कहते हैं और प्रधानमंत्री के स्तर से भी ऐसी बातें कही जाती हैं। हालांकि, जब खड़गे संघ के बारे में कुछ कहते हैं तो आप ऐसे बर्ताव करते हैं जैसे आपको किसी सांप ने काट लिया हो। पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
दूसरी ओर, मानहानि मामले में राहुल गांधी को बरी किए जाने पर कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौद्ध ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मैं कोर्ट और विशेष रूप से भारत के संविधान को धन्यवाद देता हूं। संविधान की रक्षा के लिए हमारी लड़ाई जारी है। राहुल गांधी इसकी रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। जब भी हम देश के संविधान की रक्षा की बात करते हैं, तो संविधान में विश्वास रखने वाले नेताओं को काम करने से रोकने और उन्हें परेशान करने के लिए जानबूझकर ऐसी एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई सभी 40-42 एफआईआर गैर-कानूनी हैं। ये सभी दबाव में दर्ज की गई हैं। वे बहुत पढ़े-लिखे लोग हैं, वे कानून जानते हैं और अपनी सीमाओं को समझते हैं। इसलिए, राहुल गांधी के मामले में आए फैसले का मैं स्वागत करता हूं। राहुल गांधी के अन्य मामलों को लेकर उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने और भाईचारा बढ़ाने निकले हैं। आपने देखा ही होगा कि दिल्ली में कितने विरोध-प्रदर्शन हुए। क्या किसी को जरा सी भी चोट आई, क्या आपने किसी दुकानदार पर हमला होते देखा या हिंसा की कोई घटना या ऐसा ही कुछ और देखा? हम वे लोग हैं जो संविधान में पूरा विश्वास रखते हैं। यह सत्य की जीत है और इसी तरह बाकी सभी मामले खारिज हो जाएंगे।
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा कि राजनीति में केस लगते रहते हैं। राहुल गांधी आम आदमी की लड़ाई लड़ रहे हैं। कोर्ट ने समझा कि एक गलत केस है और उस आधार पर निर्णय लिया। खड़गे के बयान पर उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता जब राहुल गांधी के खिलाफ विवादित बयान देते हैं तो क्या वो ठीक है। राहुल गांधी को अर्बन नक्सल बुलाया जाता है। भाजपा के लोगों को पहले अपना गिरेबान में झांकना चाहिए। ईवीएम और बैलेट पेपर पर बात करने से भाजपा क्यों बच रही है। इस पर भी भाजपा के लोगों को कुछ कहना चाहिए।
सपा नेता एसटी हसन ने कहा कि सत्ताधरी पार्टी विपक्ष को परेशान करने के लिए हर तरह से प्रयास करती है। आज के दौर में यह एक गलत ट्रेंड बन गया है। पहले के दौर में मतभेद होता था, लेकिन मन भेद नहीं, अब तो दोनों ही देखने को मिल रहे हैं। कोर्ट ने दूध का दूध पानी का पानी कर दिया है।
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