
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज (Prayagraj) में अगले साल महाकुंभ मेले (Maha Kumbh Mele) का आयोजन होने जा रहा है. इससे पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (All India Arena Council) की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि अखाड़ा परिषद की ओर से 27 जनवरी को एक धर्म संसद (Dharma Sansad) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सनातन बोर्ड (Sanatan Board) को लेकर चर्चा की जाएगी.
इस धर्म संसद में 13 अखाड़ों के संत, पीठाधीश्वर, महामंडलेश्वर समेत कई हिस्सा लेंगे. इस दौरान सनातन बोर्ड को लेकर बड़ा फैसला किया जाएगा. धर्म संसद में इस बात पर चर्चा होगी कि सनातन बोर्ड में क्या होना चाहिए और क्या नहीं होना चाहिए. आचार्य महामंडलेश्वर अवधूत बाबा अरुण गिरि जी महाराज आवाहन अखाड़े के अध्यक्ष ने कहा सनातन बोर्ड के नियम-कायदे संत-महात्मा ही तय करें.
उन्होंने आगे कहा कि सभी 13 अखाड़ों के संत इस सनातन बोर्ड में पदाधिकारी होंगे. इस धर्म संसद में इस बात पर चर्चा होगी कि इसके बायलॉज कैसे बनाए जाएंगे. सनातन बोर्ड के इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी करेंगे. उन्होंने कहा कि 27 जनवरी को मेला क्षेत्र में काली सड़क स्थित हमारे पंडाल में धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा. धर्म संसद में देश-विदेश से संत और विद्वान आएंगे. उनसे इस मुद्दे पर बातचीत की जाएगी. इसके बाद ही सनातन बोर्ड के गठन पर फैसला लिया जाएगा.
प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से महाकुंभ मेला शुरू होगा और 26 फरवरी तक चलेगा. इससे पहले अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने सनातन बोर्ड के सवाल पर कहा कि था कि जब मैं सभी साधु संतों से मिला तो सभी संतो ने सनातन बोर्ड के बारे में जानकारी ली. संतों ने ये कहा कि क्या सनातन बोर्ड सुरक्षित है. इसका क्या प्रारूप होगा, बोर्ड का बायलॉज क्या है? इसलिए हमने यह सोचा है जल्दबाजी करना अच्छा नहीं है. धीरे-धीरे इसकी बात रखी जाएगी और धीरे-धीरे इस पर विचार किया जाएगा.
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