
इंदौर। इंदौर (Indore) के देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर कल एक सियार (Jackal) पकड़ा गया। यह सियार रनवे (runway) के समीप लगाए गए पिंजरे (cage,) में पकड़ा (trapped) गया। जब टीम पिंजरों की जांच कर रही थी, तब सियार पिंजरे में पाया गया। इस पर टीम ने सियार को जंगल में छोड़ दिया।
एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने बताया कि एयरपोर्ट पर लगातार जंगली जानवरों को पकडऩे के लिए जांच अभियान चलाया जाता है। विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए जानवर रनवे तक न पहुंचें इसे रोकने के लिए रनवे के आसपास और पूरे परिसर में कई स्थानों पर पिंजरे भी लगाए गए हैं। कल टीम ने जांच के दौरान एक पिंजरे में सियार को पकड़ा। सियार के पकड़ में आने के बाद टीम ने वन विभाग को इसकी सूचना देने के साथ ही सियार को जंगल में छुड़वाया। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के ऑपरेशन एरिया में रनवे के आसपास बड़ा खुला मैदान है। यहां अकसर जंगली जानवर प्रवेश कर जाते हैं। इसे देखते हुए लगातार इन्हें पकडऩे और रोकने के प्रयास जारी हैं। जानवरों को पकडऩे के लिए विमानतल प्रबंधन वन विभाग के साथ विशेष अभियान भी चलाता है।
डीजीसीए टीम को नजर आए थे दो सियार
इंदौर एयरपोर्ट पर दो माह पूर्व दिसंबर में डीजीसीए की टीम जांच के लिए आई थी। तब टीम ने रनवे के आसपास दो सियार देखे थे। इसके बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने जिला प्रशासन और वन विभाग को पत्र लिखते हुए सियारों को पकडऩे की मांग की थी। साथ ही विमानतल प्रबंधन की टीम भी सियारों को पकडऩे के लिए विशेष अभियान चला रही है। कल इसी अभियान में पहली सफलता मिली।
कई और सियार होने की संभावना
इंदौर एयरपोर्ट का पूरा क्षेत्रफल 728 एकड़ से ज्यादा है। इसमें से अधिकांश हिस्सा ऑपरेशनल एरिया में आता है, जहां रनवे के आसपास खुला मैदान है। यहां बड़ी घास के चलते खाने और शिकार की तलाश में अकसर जानवर एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल के नीचे से गड्ढा बनाकर आ जाते हैं। संभावना है कि इंदौर एयरपोर्ट पर 10 से ज्यादा सियार सहित अन्य जानवर अभी भी मौजूद हैं। अक्टूबर 2014 में विमान से सियार टकराने के बाद चलाए गए अभियान में भी 15 से ज्यादा जानवर पकड़े गए थे।
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