
नई दिल्ली । भारत बनाम पाकिस्तान एशिया कप मैच(asia cup matches) रोमांचक नहीं था, लेकिन फिर भी ये चर्चा में है, क्योंकि टॉस के दौरान भारतीय कप्तान(Indian Captain) और फिर मैच के खत्म होने के बाद भारतीय टीम(Indian Team) ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों(pakistani players) से हाथ नहीं मिलाया। इससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी खफा हैं। वे इस समय एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी एसीसी के चेयरमैन भी हैं। उन्होंने इस नो हैंडशेक मामले की शिकायत आईसीसी से की है और मैच रेफरी को हटाने की मांग की है। हालांकि, इस मांग को आईसीसी ने खारिज कर दिया है।
पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने एक्स पर पोस्ट किया कि वे आईसीसी से इस मामले की शिकायत करने जा रहे हैं। हालांकि, बाद में इस पोस्ट को उन्होंने डिलीट भी कर दिया। मोहसिन नकवी का आरोप था कि मैच रेफरी एंडी पायक्राफ्ट ने दोनों कप्तानों को टॉस के दौरान हाथ नहीं मिलाने के लिए कहा था। हालांकि, इस पर भारतीय क्रिकेट टीम की ओर सूत्रों के हवाले से कहा गया कि ऐसा कोई निर्देश मैच रेफरी ने नहीं दिया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है।
नकवी, जो एसीसी के चेयरमैन भी हैं, उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था, “पीसीबी ने मैच रेफरी द्वारा आईसीसी आचार संहिता और एमसीसी के क्रिकेट भावना से संबंधित नियमों के उल्लंघन के संबंध में आईसीसी में शिकायत दर्ज कराई है। पीसीबी ने मैच रेफरी को एशिया कप से तुरंत हटाने की मांग की है।” पीसीबी ने आरोप लगाया कि पाइक्रॉफ्ट ने आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैच अधिकारियों और मैच अधिकारी सहायक कर्मियों के लिए नियमावली के अनुच्छेद 2.1.1 का हवाला दिया।
आईसीसी की आचार संहिता का यह अनुच्छेद खेल भावना के विरुद्ध सभी प्रकार के मामूली आचरण को कवर करने के लिए है और जो इस आचार संहिता में अन्यत्र निर्धारित विशिष्ट अपराधों के अंतर्गत विशेष रूप से और पर्याप्त रूप से शामिल नहीं है। खेल भावना को क्रिकेट के नियमों की प्रस्तावना के संदर्भ में परिभाषित किया जा सकता है और इसमें अन्य बातों के अलावा, (क) अंपायरों की भूमिका और (ख) खेल और उसके पारंपरिक मूल्यों के प्रति सम्मान शामिल है।
टॉस के दौरान या मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के कप्तान और खिलाड़ियों का हाथ मिलाना एक पुरानी परंपरा है, जिसे कोरोना महामारी के दौरान रोका गया था। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस के लिए आए, उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि वह अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाएंगे। यह फैसला पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों, उनके परिवारों और ऑपरेशन सिंदूर में शामिल सैनिकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।
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