
इंदौर। शहर विकास की दृष्टि से इंदौर विकास प्राधिकरण के पास ही सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं और धन राशि की भी कमी नहीं है, जिसके चलते पिछले साल चार फ्लायओवरों का लोकार्पण हुआ, तो अब नए साल में लवकुश चौराहा पर बन रहे डबल डेकर ब्रिज के साथ सीएम राइज स्कूलों सहित अन्य निर्माण कार्यों की सौगात मिलेगी। वहीं सुपर कॉरिडोर पर 22 मंजिला ट्विन टॉवर भी स्टार्टअप पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 1156 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसी तरह सुपर कॉरिडोर से ही लगी योजना 172 में 18 करोड़ रुपए की लागत से विशाल कन्वेंशन कम एग्जीबीशन सेंटर भी निर्मित होगा, जिसमें थ्री स्टार होटल की सुविधा भी मिलेगी और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय बड़े आयोजनों को 5 हजार की क्षमता वाले हॉल में किया जा सकेगा।
प्राधिकरण सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के मुताबिक, 7 टीपीएस योजनाओं में भी विकास कार्य चल रहे हैं, जिनमें मास्टर प्लान के साथ-साथ प्रमुख सडक़ों और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं। एमआर-11 और एमआर-12 जैसी बड़ी सडक़ परियोजनाएं भी, जो लम्बे समय से लम्बित हैं, उन्हें इस साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि शहर को नई कनेक्टीविटी मिले और ट्रैफिक सुधार में भी ये दोनों मुख्य सडक़ें मददगार साबित हों। आगामी वर्षाे में इन्दौर के विश्वस्तरीय विकास की दिशा में इन्दौर विकास प्राधिकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है।
इन्दौर मेट्रो पोलिटन रिजन के प्रभावी क्रियान्वयन में इन्दौर विकास प्राधिकरण को विकास का सारथी बनने की भूमिका निर्वहन किया जाना है। प्राधिकरण द्वारा शहर में भविष्य की अधोसंरचना को नई दिशा देने वाले प्रमुख विकास कार्यों की योजना तैयार की गई है, जिसमें मास्टर प्लान क्रियान्वयन, नगर विकास योजनाएँ, प्रमुख सडक़ों तथा च्च्च् मॉडल के अंतर्गत मेगा परियोजनाएँ शामिल हैं। टी.पी.एस.-1, 3, 4, 5, 8, 9 और 10 सहित कुल सात नगर विकास योजनाओं में सडक़ निर्माण, गार्डन विकास और राजस्व वृद्धि से शहरी ढाँचे में उल्लेखनीय सुधार होगा।
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