
इन्दौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में बढ़ते मौतों के आंकड़ों के बीच आसपास की कॉलोनियों में भी गंदे पानी की शिकायतें सामने आने लगी हैं। परदेशीपुरा, नंदा नगर, मालवा मिल, स्नेहलतागंज सहित कई क्षेत्रों में दूषित पानी की सप्लाई से रहवासी दहशत में हैं। पानी की सप्लाई की खबर के बाद हुकमचंद अस्पताल जोन की टीम, जिसमें डॉक्टर, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल थे, आज सुबह स्नेहलतागंज पहुंचे और घर-घर जाकर रहवासियों की जांच शुरू की। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कहीं कोई बीमार तो नहीं है और संदिग्ध लक्षण वाले लोगों को तत्काल परामर्श व उपचार की सलाह दी गई।
स्नेहलतागंज क्षेत्र में गली नंबर 2 में बिल्डिंगों के ओवरहेड टैंक सहित तलघर में गंदा पानी भरने की समस्या को अग्निबाण अखबार ने प्रमुखता से उठाया था। यहां के आलम यह थे कि रहवासियों ने अपने-अपने घरों से पानी की एक-एक बूंद तक खाली कर दी थी। खबर प्रकाशित होने के बाद हुकमचंद अस्पताल की टीम कॉलोनी की हर गली में बीमारों की तलाश कर रही है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं। हालांकि गंदे पानी की समस्या को लेकर लगातार भागीरथपुरा सहित अन्य कॉलोनी की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
कई क्षेत्रों में अभी भी गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। वहीं भागीरथपुरा क्षेत्र के रहवासियों का आरोप है कि पानी की सैंपलिंग नर्मदा सप्लाई बंद होने के दौरान की जा रही है, जो कि रिपोर्ट को वास्तविक आंकड़ों से बहुत दूर ले जाएगी। वहीं स्नेहलतागंज में रहवासी हजारों गैलन पानी खाली कर रहे हैं। आज पूरे क्षेत्र में डॉक्टर, एएनएम कार्यकर्ता सहित डॉक्टर भी पहुंचे। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग तो हरकत में आ गया, लेकिन निगम को अपनी नींद उड़ाने के लिए घटना होने का इंतजार है। रहवासियों की जागरूकता और समय पर स्वास्थ्य टीम की सक्रियता से एक बड़े हादसे को टालने में सफलता मिली।
दूषित पानी की समस्या कोई नई नहीं है
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दूषित पानी की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। न तो पाइप लाइन की जांच की गई और न ही पानी के सैंपल लेकर गुणवत्ता की रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। लोगों में आशंका है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
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