
जनसम्पर्क अधिकारी ऋषभ जैन ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आरोपित छतरपुर जिले के ग्राम पलकोहा निवासी घनश्याम कुशवाह उर्फ डॉक्टर, अच्छेलाल पुत्र भूरा और नत्थू मोती ने अपराध स्वीकार कर लिया है। आरोपितों ने बताया कि बाघ के अंगों को काटने के बाद पकड़े जाने के डर से केन नदी में फेंक दिया था और अंगों को काटकर गाड़ दिया था। उस स्थल से भी एसटीएफ द्वारा कुछ अवशेष जब्त किये गये हैं। इन्हें फॉरेंसिक जाँच के लिये भेजा रहा रहा है। उल्लेखनीय है कि केन नदी में एक बाघ पी-123 का शव 10 अगस्त, 2020 को तैरता हुआ मिला था, जिसमें बाघ का सिर और अन्य अवयव गायब पाये गये थे।
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