
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त अनाज ले रहे अपात्रों की जांच कर उन पर कार्रवाई करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए खाद्य विभाग ने नया प्लान बनाया है, जिसमें आयकर विभाग की मदद ली जाएगी। आयकर विभाग पीएमजीकेएवाई के तहत अपात्र लोगों को लाभार्थियों की सूची से हटाने के लिए अपने आंकड़ों को खाद्य मंत्रालय के साथ साझा करेगा। पीएमजीकेएवाई के तहत उन गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जाता है, जो आयकर का भुगतान नहीं करते हैं।
इस योजना के तहत लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है, लेकिन ऐसे कई लोग भी हैं, जो योजना के अंतर्गत नहीं आते और सम्पन्न हैं। उन लोगों की जांच कर उन्हें योजना से हटाया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में पीएमजीकेएवाई के लिए 2.03 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो चालू वित्त वर्ष के 1.97 लाख करोड़ रुपए के संशोधित अनुमान से अधिक है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को देश में कोविड-19 महामारी से हुए आर्थिक गतिरोधों के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को होने वाली मुश्किलें कम करने के विशिष्ट उद्देश्य से शुरू किया गया था।
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