
नई दिल्ली। दुनिया ( world) के 20 देशों (20 countries) के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष 16 से 20 फरवरी तक भारत (India) में होने वाले एआई इम्पैक्ट (AI Impact Summit )शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, ग्रीस के प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोटाकिस, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया, 45 देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन में भाग लेंगे। इसका मकसद जिम्मेदार एआई शासन, नवाचार तंत्र, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, जलवायु-जागरूक प्रौद्योगिकी और उभरती प्रौद्योगिकियों तक समान पहुंच पर संवाद को बढ़ावा देना है।
मंत्रालय के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर दुनिया के दिग्गज नेता सम्मेलन में भाग लेने पहुंच रहे हैं। इनमें भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे, बोलीविया के उपराष्ट्रपति एडमंड लारा मोंटानो, क्रोएशियाई पीएम आंद्रेज प्लेंकोविक, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, गुयाना के उपराष्ट्रपति भरत जगदेव व कजाखस्तान के पीएम ओल्जास बेक्टेनोव शामिल हैं। लिचेंस्टीन के राजकुमार प्रिंस एलोइस, मॉरिशस के पीएम नवीन रामगुलाम, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलिन, नीदरलैंड के पीएम डिक शूफ और संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी सम्मेलन में शामिल होंगे।
जानेंगे…एआई कैसे कर रहा प्रभावित
शिखर सम्मेलन के प्रतिभागी यह भी जानेंगे कि एआई विभिन्न व्यवसायों और उद्योगों को कैसे प्रभावित कर रहा है। बदलते रोजगार बाजार में किन नए कौशलों की जरूरत है, स्टार्टअप के लिए निवेशकों और भागीदारों के साथ जुड़ने के अवसर क्या हैं और किसानों, छोटे व्यवसायों और सेवा प्रदाताओं को समर्थन देने में एआई की क्या भूमिका है।
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