
नई दिल्ली। नई दिल्ली में सोमवार से ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट (AI Summit) 2026’ का शानदार आगाज हो चुका है। आज यानी 17 फरवरी को इस वैश्विक सम्मेलन का दूसरा दिन है। इसमें दुनियाभर (worldwide) के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकार के प्रमुख और मंत्री शामिल हो रहे हैं। इनके अलावा तकनीकी क्षेत्र के दिग्गज, शोधकर्ता और उद्योग जगत के विशेषज्ञ भी इस मंच पर जुटे हैं।
समिट के पहले दिन कैसा रहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया था। समिट के पहले दिन ‘एआई और मीडिया: अवसर, जिम्मेदारीपूर्ण मार्ग और आगे का रास्ता’ विषय पर सत्र हुआ। इसका साझेदार डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) था, जो भारत के प्रमुख प्रकाशक समूहों की डिजिटल इकाइयों का संगठन है।
किन देशों की भागीदारी होगी?
यह सम्मेलन पांच दिन तक चलेगा। इसमें इंडिया एआई एक्सपो-2026 का आयोजन इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ किया जा रहा है।
यह आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है। यह कार्यक्रम दुनिया भर की टेक कंपनियों, स्टार्टअप, शिक्षण और शोध संस्थानों, केंद्रीय व राज्य सरकारों तथा वैश्विक साझेदारों को एक मंच पर लाएगा।
13 देशों के विशेष पवेलियन भी लगाए जाएंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देशों की भागीदारी रहेगी।
एआई समिट के दूसरे दिन क्या कार्यक्रम रहेंगे?
समिट के दूसरे दिन एप्लाइड एआई पर एक सेमिनार आयोजित किया जाएगा और स्वास्थ्य, ऊर्जा, शिक्षा, कृषि, सशक्तिकरण और विकलांगताओं में एआई पर आधारित केसबुक सहित प्रमुख ज्ञान संग्रह जारी किए जाएंगे। इसमें ज्ञान सार-संग्रह का विमोचन, एप्लाइड एआई पर सेमिनार, ‘महिलाओं द्वारा संचालित एआई: वैश्विक प्रभाव चुनौती’, मुख्य वक्ताओं और पैनल चर्चाएं, साथ ही एआई इम्पैक्ट एक्सपो शामिल होंगे। ये सभी कार्यक्रम भारत मंडपम, सुषमा स्वराज भवन और अंबेडकर भवन में आयोजित किए जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेस भी नई दिल्ली पहुंचेंगे
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी नई दिल्ली पहुंचेंगे, ताकि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अधिक समावेशी बनाने और इसके जोखिमों के प्रति दुनिया को सचेत करने पर जोर दें। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को यह जानकारी दी। गुटेरेस उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे, जिसमें कई विश्व नेता और 100 से अधिक देशों से 35 हजार लोग हिस्सा लेंगे।
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