
नई दिल्ली। इटली (Italy) के अखबार कोरिएरे डेला सेरा (newspaper Corriere della Sera) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एयर इंडिया की फ्लाइट 171 (Air India Flight 171) के क्रैश (Crash) के पीछे एक पायलट का जानबूझकर किया गया कदम हो सकता है। रिपोर्ट में पश्चिमी विमानन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि भारतीय जांचकर्ता अपनी फाइनल रिपोर्ट में यह बता सकते हैं कि विमान के फ्यूल स्विच ‘लगभग जानबूझकर’ बंद किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी और हादसे की वजह इंसानी दखल हो सकती है।
12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ के तुरंत बाद बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर फ्लाइट 171 क्रैश हो गया, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई। विमान दोनों इंजनों से थ्रस्ट खत्म होने के 32 सेकंड बाद एक मेडिकल छात्रा के हॉस्टल पर गिरा। शुरुआती रिपोर्ट में भी यह सामने आया था कि फ्यूल स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर ले जाने के बाद इंजन एक साथ बंद हुए, और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट ने पूछते हुए रिकॉर्ड किया कि आपने इंजन क्यों बंद किए, जिस पर दूसरे ने जवाब दिया, “मैंने नहीं किया।”
रिपोर्ट में मुख्य संदिग्ध के रूप में एयरक्राफ्ट कमांडर सुमीत सभरवाल का नाम सामने आया है, लेकिन इंडियन पायलट एसोसिएशन और सभरवाल के परिवार ने इस दावे की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि हादसे के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना अनुचित है और विमान निर्माता, एयरलाइन समेत सभी फैक्टर्स की बारीकी से जांच होना जरूरी है।
जांच में खास फोकस केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर रहा। दिसंबर में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के भारतीय जांचकर्ताओं ने वाशिंगटन जाकर नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की लैब में ब्लैक बॉक्स डेटा का री-एनालिसिस किया। अमेरिकी विशेषज्ञों ने बोइंग 787 के सिम्युलेटर टेस्ट किए, लेकिन उन्हें ऐसा कोई तकनीकी दोष नहीं मिला जिसमें दोनों इंजन खराबी के कारण बंद हो गए हों। इस आधार पर हादसे के पीछे इंसानी हस्तक्षेप ही एकमात्र वजह माना गया।
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