
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश बजट (Budget) 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Former CM Kamal Nath) ने इसे जनता से विश्वासघात वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में केवल बातों के बताशे बनाए गए हैं, जबकि जनहित पूरी तरह सफाचट है। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की जनता से जो प्रमुख वादे किए थे, वे ढाई साल बाद भी बजट भाषण में नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और अन्य वर्गों से किए गए वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनाव पूर्व किए गए चार प्रमुख वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि:
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि इन चारों घोषणाओं का बजट में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं दिखता, जिससे साफ है कि सरकार वादा-खिलाफी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बजट से प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि पिछले बजट में की गई घोषणाओं की स्थिति क्या है, इस पर वित्त मंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए था कि पूर्व की घोषणाओं को पूरा क्यों नहीं किया गया।
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में अगले पांच वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये की कमी आने की बात सामने आई है, लेकिन इस पर राज्य सरकार की क्या रणनीति है, यह स्पष्ट नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य की साझेदारी वाली योजनाओं में चालू वित्त वर्ष के दौरान मध्य प्रदेश को केंद्र से कई हजार करोड़ रुपये की राशि नहीं मिली है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न पहलुओं को देखते हुए यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश सरकार जनता के हितों को प्राथमिकता नहीं दे रही है और केंद्र सरकार की “कठपुतली” के रूप में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के हितों को केंद्र के हाथों में गिरवी रखा जा रहा है।
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