
शहरभर में मेट्रो का मच गया हल्ला, लोगों में ट्रेन देखने का भी उत्साह, अधिकारियों-कर्मचारियों में भी खुशी और उत्साह का माहौल
इंदौर। पहली मेट्रो ट्रेन (Metro Train) इंदौर क्या पहुंची चारों तरफ हल्ला मच गया। सोशल मीडिया (Social Media) पर भी इससे जुड़ी अनगिनत पोस्ट धड़ाधड़ वायरल हो गई। सभी को उत्सुकता रही कि मेट्रो दिखती कैसी है और इसमें बैठने का मौका कब मिलेगा। तीन कोच की मेट्रो पटरी पर उतारी गई और अब उसकी असेम्बलिंग शुरू की जाएगी, ताकि सेफ्टी रन लिया जा सके, क्योंकि 14 सितम्बर को ही 6 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर ट्रायल रन होना है। उसके पहले अधूरे कामों को रात-दिन भिडक़र पूरा कराया जा रहा है। इन तीनों कोच में 900 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इंदौर भी देश की मेट्रो सिटी में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित अन्य लोगों ने इसकी बधाई देते हुए ट्विट किए।
मीडिया (Media) ने तो जमकर कवरेज किया ही, वहीं फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर से लेकर इंस्टाग्राम पर भी मेट्रो की मुंह दिखाई की पोस्ट धड़ाधड़ आने लगी। तीन कोच की पहली मेट्रो ट्रेन बड़ोदा से लम्बा सफर तय कर विशाल ट्राले में इंदौर लाई गई है और कल सुबह से अनलोडिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। विशालकाय क्रेनों की मदद से इन तीनों कोच को पटरी पर उतारा गया। अब आज से इनकी असेम्बलिंग का काम शुरू होगा और फिर उसके बाद सेफ्टी रन डिपो के अंदर ही लिया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) की मौजूदगी में 14 सितम्बर को ट्रायल रन प्रस्तावित किया गया है, जो कि 6 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर होना है। इंदौर मेट्रो को चलाने के लिए जो बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है वह भी अत्याधुनिक है, जिसे थर्ड रेल सिस्टम कहते हैं। इसमें कहीं भी मेट्रो के ऊपर बिजली के तार नजर नहीं आएंगे, बल्कि पटरी के समानांतर ही एक तीसरी पटरी बिजली सप्लाय के लिए बिछाई गई है। मेट्रो से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अभी तीनों कोच को तैयार किया जाएगा और फिर दो-तीन दिन बाद सेफ्टी रन की शुरुआत की जाएगी। कल मशीन की सहायता से पटरी पर इन तीनों कोच को आगे-पीछे भी किया गया। मगर चूंकि अभी कम्प्यूटरीकृत इंजन चालू नहीं किए गए हैं। उसमें दो-तीन दिन का समय लगेगा। दूसरी तरफ ट्रायल रन के लिए 5 स्टेशनों को भी तैयार किया जा रहा है। एस्केलेटर सहित जो काम बचे हुए हैं उन्हें ठेकेदार फर्मों से पूरा कराया जा रहा है। हर स्टेशन पर 8-8 एस्केलेटर की सुविधा रहेगी। हालांकि मेट्रो का व्यवसायिक संचालन अगले साल मई-जून तक शुरू होने की संभावना है। तब तक गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक के एलिवेटेड कॉरिडोर को पूरी तरह से तैयार कर दिया जाएगा। फिलहाल तो जो तीनों कोच आए हैं उन्हें गांधी नगर डिपो पर खड़ा किया गया है और सेफ्टी रन भी डिपो के अंदर बिछाई पटरियों पर ही लिया जाएगा। उसके बाद ट्रायल रन के पहले डिपो से प्रायोरिटी कॉरिडोर पर ट्रेन को लाएंगे। मेट्रो के जो स्टेशन बनाए जा रहे हैं वे भी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस रहेंगे। लिफ्ट, चार्जिंग स्टेशन, मेटल डिटेक्टर, टिकट कियोस्क सहित सभी सुविधाएं यात्रियों को मिलेगी।
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