
अनूपपुर। मध्यप्रदेश का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल अमरकंटक कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है और तापमान शून्य के आसपास पहुंच गया है। रविवार सुबह अमरकंटक के नर्मदा तट पर घास में बर्फ की सफेद चादर बिछ गया था। शाम होते ही ठंड का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं। ठंड से राहत पाने के लिए स्थानीय लोग और तीर्थयात्री अलाव जलाकर और गर्म चाय का सहारा ले रहे हैं। सुबह और शाम अलाव जलाने का चलन बढ़ गया है।
अमरकंटक में सर्दियों के मौसम का आनंद लेने के लिए पर्यटन पहुंच रहे हैं। पर्यटक ठंड के इस मौसम का आनंद ले रहे हैं, जबकि स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अमरकंटक में दिसंबर और जनवरी के महीने में तापमान अक्सर शून्य या उससे भी नीचे चला जाता है, जिससे घास, फूल-पत्तियां और यहां तक कि बाहर रखा पानी भी जम जाता है। पूरा क्षेत्र मानो सफेद चादर में लिपटा हुआ प्रतीत होता है। अमरकंटक की इस कड़ाके की ठंड ने क्षेत्र को अनोखा प्राकृतिक सौंदर्य तो दिया है, लेकिन इसके साथ ही कठिन परिस्थितियां भी उत्पन्न की हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved