
वॉशिंगटन। अमेरिका ने ईरान की तरफ से अपना सबसे बड़ा बेड़ा भेजा है, जिससे पश्चिम एशिया में मौजूदा तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। वहीं ईरान ने भी मोर्चा संभालते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में दो दिवसीय नौसैनिक अभ्यास की घोषणा की है। इस पर अमेरिकी सेना के केंद्रीय कमान ने ईरानी सेना को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वह अमेरिकी युद्धपोतों के ऊपर से उड़ान भरने जैसे असुरक्षित युद्धाभ्यास को बर्दाश्त नहीं करेगा, जिसमें अमेरिकी जहाजों से टक्कर की दिशा में ईरानी स्पीडबोटों का आना भी शामिल है।
ईरान की तरफ से ये भी दावा किया गया है कि हाल ही में हुए 12-दिवसीय युद्ध से उसकी सैन्य क्षमताएं पहले से ज्यादा मजबूत हुई हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, सेना प्रमुख अमीर हातमी ने एक सैन्य समारोह में कहा कि इस संघर्ष से ईरानी सेना को अपनी ताकत और कमजोरियों को समझने का मौका मिला, साथ ही विरोधी पक्ष की रणनीति को भी बेहतर ढंग से परखा गया। हातमी के अनुसार, इस युद्ध के बाद ईरान की मिसाइल प्रणाली, हवाई रक्षा और समग्र सैन्य क्षमता पहले से बेहतर और मजबूत स्थिति में है। उन्होंने इसे ईरान के लिए अनूठा अनुभव बताया, जिससे भविष्य में किसी भी हमले से निपटने की तैयारी और पुख्ता हुई है।
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