
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के भावनगर पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत में आत्मनिर्भरता के महत्व को समझाया और आत्मनिर्भर होने पर जोर दिया. पीएम का भाषण ऐसे वक्त में आया है, जब अमेरिका की तरफ से ऐलान किया गया है कि कंपनियों को हर एच-1बी वर्कर वीजा के लिए सालाना 1,00,000 डॉलर (88 लाख रुपये) का भुगतान करना होगा.
भावनगर में पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश का असली दुश्मन दूसरे देशों पर निर्भरता है. उन्होंने लोगों से कहा कि दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है. हमारा असली दुश्मन दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता ही है. यही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है और हमें मिलकर भारत के इस दुश्मन, निर्भरता के दुश्मन को हराना होगा.
पीएम मोदी ने कहा कि विदेशी निर्भरता जितनी ज्यादा होगी, राष्ट्र की विफलता उतनी ही ज्यादा होगी, और भारत में आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर दिया. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने के लिए आत्मनिर्भर बनना जरूरी है, खासकर दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश में, आत्मनिर्भर बनना ही होगा.
उन्होंने कहा कि अगर हम दूसरों पर निर्भर रहेंगे तो हमारे स्वाभिमान को ठेस पहुंचेगी. हम 1.4 अरब देशवासियों का भविष्य दूसरों पर नहीं छोड़ सकते. हम देश के विकास के संकल्प को दूसरों पर निर्भर नहीं छोड़ सकते. हम आने वाली पीढ़ियों का भविष्य दांव पर नहीं लगा सकते, इसका एक ही इलाज है. सौ दुखों का एक ही इलाज है और वह है आत्मनिर्भर भारत.
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि चिप्स से लेकर शिप तक हमें सब कुछ बनाना होगा. उन्होंने कहा कि शांति, स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है, खासकर दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश में. भारत के बंदरगाह हमारे देश के एक वैश्विक समुद्री महाशक्ति के रूप में उभरने की रीढ़ हैं. कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उस पार्टी ने लाइसेंस राज जैसी पाबंदियां लगाकर भारतीयों की प्रतिभा को दबाया.

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