
नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी AI को लेकर हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की एक रिपोर्ट में हैरानी भरे दावे किए गए हैं। रिपोर्ट में कुछ बड़ी चेतावनियां भी दी गई हैं। जेंडर स्नैपशॉट 2025 नाम की इस रिपोर्ट में चेताया गया है कि आने वाले समय में AI की वजह से पुरुषों की तुलना में महिलाओं (women) की नौकरी (Job) को ज्यादा खतरा हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर महिलाओं की लगभग 28 प्रतिशत नौकरियां AI से प्रभावित हो सकती हैं। वहीं AI की वजह से पुरुषों की लगभग 21 प्रतिशत नौकरियों को खतरा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नौकरी की प्रवृत्तियों और डिजिटल स्किल्स में अंतर होने की वजह से मौजूदा बदलाव महिलाओं पर असमान प्रभाव डाल सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक वैश्विक स्तर पर महिलाओं की 27.6 प्रतिशत नौकरियां संभावित रूप से जनरेटिव एआई के संपर्क में हैं, वहीं पुरुषों की 21.1 प्रतिशत नौकरियां इस खतरे से जूझ रही हैं। रिपोर्ट में लगभग 65 मिलियन महिलाओं की नौकरियों को जोखिम में जोखिम में बताया गया है।
इस खतरे से लड़ने के लिए रिपोर्ट में कुछ सुझाव दिए गए हैं। इसके मुताबिक डिजिटल लैंगिक विभाजन को पाटने के लिए तत्काल उपाय करने की जरूरत है। इन उपायों में महिलाओं को डिजिटल साक्षर बनाने, डिजिटल उपकरणों तक महिलाओं की पहुंच में सुधार, प्रशिक्षण देना और STEM फिल्ड में उनकी भागीदारी को बढ़ाने जैसे उपाय शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि दुनिया एक नए खतरे का सामना कर रही है और अगर हम पिछली गलतियों से नहीं सीखते हैं तो यह असमानता भविष्य में भी बनी रह सकती है।
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