उज्जैन। ज्योतिष (Astrology) में हर ग्रह के प्रभाव के बारे में बताया गया है, वे हमारे जीवन के किसी ना किसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. आजकल की भागदौड़ में हर कोई तनाव (Tension) का शिकार है. फर्क इतना है कि कोई इस स्ट्रेस को हैंडल कर पा रहा है तो कोई नहीं. तनाव और डिप्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं और इलाज भी करवा रहे हैं.
ज्योतिष में कुछ ऐसे ग्रहों के बारे में बताया गया है, जो तनाव को बढ़ाते हैं. ये ग्रह अशुभ फल दें तो जातक तनाव से पागल हो सकता है. यहां तक कि व्यक्ति मानसिक विक्षिप्तता (मेंटल डिस्ऑर्डर) की हालत तक पहुंच सकता है. ऐसे में बढ़ती टेंशन से बचने और निजात पाने के उपाय जरूर कर लेना चाहिए.
चंद्रमा – ज्योतिष में चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतीक है. कुंडली में चंद्रमा कमजोर या पीड़ित हो तो जातक को मानसिक अस्थिरता, चिंता, भय और तनाव देता है.
शनि – शनि कर्मफलदाता हैं. यदि कुंडली में शनि अशुभ हो तो जातक जीवन में भारी कष्ट और चुनौतियों का सामना करता है. जिससे तनाव बढ़ना लाजिमी है.
केतु – केतु भी छाया ग्रह है और कमजोर केतु जातक को भावनात्मक अस्थिरता देता है. इमोशनल इंबैलेंस के चलते व्यक्ति खुद को अकेला महसूस करता है और कई बार अजीब हरकतें भी करने लगता है.
तनाव से बचने के उपाय
तनाव-डिप्रेशन से बचने के लिए योग, मेडिटेशन, थैरेपीज और यहां तक कि मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए. इसके अलावा ज्योतिष में भी इसके कुछ उपाय बताए गए हैं. शनि, राहु, केतु और चंद्रमा के अशुभ प्रभावों के कारण तनाव हो रहा है तो विशेषज्ञ की सलाह से शनि, राहु, केतु और चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय करें. इसके अलावा भगवान शिव की पूजा करना बहुत लाभ देता है. मोती, चांदी के आभूषण या द्विमुखी रुद्राक्ष धारण करना भी टेंशन से निजात दिला सकता है. मंत्रों का जाप करने से तनाव दूर भागता है और जातक सकारात्मक महसूस करता है
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