
वॉशिंगटन । वॉशिंगटन (Washington) में सामने आए इनपुट के अनुसार यूरोप (Europe) के कई देशों में यहूदी समुदायों (Jewish communities) और अमेरिकी हितों को निशाना बनाकर हुए हमलों की जिम्मेदारी एक अज्ञात और रहस्यमयी समूह ने ली है। माना जा रहा है कि यह समूह ईरान (Iran) समर्थित हो सकता है, हालांकि विशेषज्ञ इसे एक संभावित मुखौटा संगठन भी बता रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया पर सक्रिय इस समूह की गतिविधियों ने यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
सोशल मीडिया गतिविधियों से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
जानकारी के मुताबिक इस समूह ने जिन घटनाओं का दावा किया है, उनमें यूनाइटेड किंगडम में यहूदी समुदाय द्वारा संचालित एंबुलेंसों में आगजनी, बेल्जियम में एक सिनेगॉग के बाहर विस्फोटक धमाका और फ्रांस में बैंक ऑफ अमेरिका के कार्यालय पर नाकाम हमले की साजिश शामिल है। इन घटनाओं से जुड़े वीडियो और संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे अकाउंट्स के जरिए साझा किए गए, जिन्हें प्रॉ-ईरानी मिलिशिया से जुड़ा माना जा रहा है। इन गतिविधियों ने खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
ईरान की भूमिका पर सवाल, जांच एजेंसियां सक्रिय
द हेग स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर काउंटर-टेररिज्म (ICCT) के निदेशक थॉमस रेनार्ड ने कहा है कि इस नेटवर्क की डिजिटल गतिविधियां प्रॉ-ईरानी प्रतीत होती हैं। इंटरनेशनल सेंटर फॉर काउंटर-टेररिज्म (आईसीसीटी) के अनुसार, अभी यह पूरा मामला जांच और अटकलों के दायरे में है।
रेनार्ड का कहना है कि ईरान की संभावित भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। जांच एजेंसियां अब गिरफ्तार संदिग्धों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही हैं, जिससे आने वाले समय में और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
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