img-fluid

केरल में एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि, चिकन-मांस और अंडों की बिक्री पर लगी रोक

January 02, 2026

नई दिल्ली:  News: केरल (Kerala) के कुछ जिलों में एवियन इन्फ्लूएंजा (Bird Flu) फैलने के बाद नीलगिरी जिला प्रशासन (Nilgiri District Administration) पूरी तरह सतर्क हो गया है. संक्रमण (Infection) के खतरे को देखते हुए केरल से नीलगिरी लाए जाने वाले मुर्गियों (Chickens) और उनसे जुड़े सभी उत्पादों पर अस्थायी प्रतिबंध (Temporary Ban) लगा दिया गया है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि बीमारी नीलगिरी जिले में न फैल सके.

केरल के अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों के कुछ हिस्सों में पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों और बत्तखों की लगातार मौतें हो रही थीं. इसके बाद पशुपालन विभाग ने नमूने भोपाल स्थित उच्च सुरक्षा पशु रोग निदान प्रयोगशाला भेजे. जांच में एच-1, एन-1 एवियन इन्फ्लूएंजा संक्रमण की पुष्टि हुई. इसके बाद प्रभावित इलाकों में चिकन, बटेर मांस और अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी गई.

एवियन इन्फ्लूएंजा के खतरे को देखते हुए नीलगिरी जिला प्रशासन ने केरल सीमा पर 7 चेक पोस्ट और कर्नाटक सीमा पर 1 चेक पोस्ट स्थापित की है. कुल 8 स्थानों पर निगरानी की जा रही है. इन चेक पोस्टों पर पशु चिकित्सा सहायक सर्जन के नेतृत्व में टीम तैनात की गई है, जिसमें पशु चिकित्सा निरीक्षक और पशुपालन सहायक शामिल हैं. पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं.


जिला प्रशासन के अनुसार, केरल से नीलगिरी जिले में मुर्गियां, अंडे, मुर्गी की बीट और मुर्गी का चारा लाने पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है. कूडलूर और पंथालूर तालुकों में स्थित सीमा चौकियों पर वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है. किसी भी संदिग्ध वाहन को जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है. केरल में बार-बार एवियन इन्फ्लूएंजा फैलने के मामलों को देखते हुए तमिलनाडु के नमक्कल क्षेत्र में भी बायो-सिक्योरिटी नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है.

पशु चिकित्सा महाविद्यालय प्रयोगशालाओं के माध्यम से लगातार बीमारी की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके. एवियन इन्फ्लूएंजा मुर्गियों, बत्तखों, टर्की और जंगली पक्षियों को प्रभावित करता है. कुछ मामलों में यह बीमारी इंसानों को भी प्रभावित कर सकती है. यह संक्रमण अक्सर प्रवासी या संक्रमित जंगली पक्षियों के जरिए फैलता है, जिससे नीलगिरी जैसे पहाड़ी इलाकों में भी खतरा बना रहता है.

प्रशासन ने पोल्ट्री किसानों को कई अहम निर्देश दिए हैं. किसानों को जंगली पक्षियों को फार्म में प्रवेश करने से रोकना चाहिए. एक ही फार्म में मुर्गी, बत्तख और टर्की को साथ नहीं पालना चाहिए. बाहरी लोगों, वाहनों और जानवरों की फार्म में एंट्री पर रोक लगानी चाहिए. फार्म के उपकरणों को साझा न करें और महीने में कम से कम दो बार कीटाणुनाशक से साफ करें. अगर फार्म में असामान्य मौतें होती हैं, तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं.

Share:

  • जमुई रेल हादसे में बड़ा एक्शन, आसनसोल DRM पर गिरी गाज; नदी में गिरे थे मालगाड़ी के कई डिब्बे

    Fri Jan 2 , 2026
    डेस्क: पटना-हावड़ा (Patna-Howrah) मेन लाइन के जसीडीह–झाझा रेल रूट (Railway Route) पर हुई मालगाड़ी दुर्घटना (Freight Train Accident) के बाद रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने बड़ी कार्रवाई की है. मंत्रालय ने आसनसोल मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव (DRM Vineeta Srivastava) को तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर कर दिया है. उन्होंने 5 महीने पहले ही अगस्त […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved