
नई दिल्ली । देशभर में छिड़े ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद के बीच बागेश्वर धाम के प्रमुख आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) ने बड़ा बयान (statement) दिया है। उन्होंने कहा कि वे खुद इस अभियान का समर्थन करते हैं, लेकिन हिंदू भावनाओं का सम्मान करते हुए ‘आई लव महादेव’ जैसे नारों को भी उतनी ही सहजता से स्वीकार किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने ‘सर तन से जुदा’ जैसे हिंसक नारों की कड़ी निंदा की और इन्हें देश के कानून और संविधान के विरुद्ध बताया।
मीडिया को दिए क इंटरव्यू में धीरेंद्र शास्त्री ने जोर देकर कहा कि वे तलवार की लड़ाई में विश्वास नहीं करते, बल्कि विचारों की जंग में यकीन रखते हैं। उन्होंने कहा, “आई लव मोहम्मद’ से मुझे कोई दिक्कत नहीं है। हमने इसका समर्थन किया था। लेकिन जब मैं कहता हूं ‘आई लव महादेव’, तो आपको कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। और दूसरी बात, ‘सर तन से जुदा’ जैसे बयान मत दीजिए। ये देश के कानून के खिलाफ है। ये देश के संविधान के खिलाफ है। हमारे अब तक के सारे बयान देखिए। हमने सिर्फ एक ही बात कही है। हम तलवारबाजी में विश्वास नहीं रखते। हम विचारों की लड़ाई में विश्वास रखते हैं।”
धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान उस समय आया है जब उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान ने साम्प्रदायिक तनाव को जन्म दिया है। ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन (मिलाद-उन-नबी या बरावाफात) के अवसर पर शुरू हुआ था। सितंबर में कानपुर में एक बैनर से शुरुआत हुई, जो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने इसे अपने नबी के प्रति प्रेम व्यक्त करने का माध्यम बनाया, लेकिन हिंदू संगठनों ने इसे उकसावे के रूप में देखा।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में भी पिछले महीने ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान को लेकर खूब तनाव देखने को मिला था। बरेली में पिछले महीने 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान को लेकर हिंसा भड़क उठी थी। प्रदर्शन के दौरान खलील तिराहे पर पुलिस द्वारा भीड़ को रोकने की कोशिश के दौरान झड़पें हुई थीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों को लाठीचार्ज करना पड़ा।
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