इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अशांत दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान (Baluchistan) में हिंसा ने भयावह रूप ले लिया है। बीते शनिवार से शुरू हुए बलूच विद्रोहियों (Baloch rebels) के समन्वित हमलों और उसके बाद हुई सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में अब तक 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि पूरे पाकिस्तान में सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है।
पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सैन्य ऑपरेशन के दौरान अब तक 197 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। इन घटनाओं में कम से कम 36 आम नागरिकों की मौत हुई है, जबकि देश की रक्षा करते हुए 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हिंसा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
BLA ने ली हमलों की जिम्मेदारी
इन भीषण हमलों की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। संगठन ने पूरे बलूचिस्तान में एक साथ कई ठिकानों को निशाना बनाया। बैंकों, जेलों, पुलिस थानों के साथ-साथ सैन्य ठिकानों और सरकारी अधिकारियों पर आत्मघाती और हथियारबंद हमले किए गए। कई इलाकों में सड़कों को जाम कर गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया गया।
एक साथ दर्जनों जगहों पर हमला, सेना पर भारी दबाव
जनवरी के अंत में BLA ने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत की थी। 31 जनवरी से क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग, नोशकी सहित कई जिलों में 12 से 48 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ हमले किए गए। इनमें सुसाइड बॉम्बिंग और गन अटैक शामिल थे। BLA का दावा है कि उसने पाकिस्तानी सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के 200 से अधिक जवानों को मार गिराया और 18 को बंधक बनाया।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने क्वेटा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि प्रभावित जिलों को आतंकियों से मुक्त करा लिया गया है, हालांकि सैन्य कार्रवाई अभी जारी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आतंकियों का पीछा किया जा रहा है और उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
दशकों पुराना विद्रोह, बाहरी दखल बना वजह
बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा की चपेट में है। BLA जैसे संगठन खनिज संसाधनों से भरपूर इस इलाके में बाहरी हस्तक्षेप और संसाधनों के दोहन का विरोध करते रहे हैं। हाल के वर्षों में गैर-स्थानीय मजदूरों, विदेशी ऊर्जा कंपनियों और चीनी निवेश परियोजनाओं पर हमले तेज हुए हैं। पिछले साल एक यात्री ट्रेन पर हुए हमले में 450 लोग फंस गए थे और दो दिन तक संघर्ष चला था।
संयुक्त राष्ट्र ने इन ताजा हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें अमानवीय बताया है, जबकि अमेरिका पहले ही BLA को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है।
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