
चंडीगढ़ । कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा (Congress MP Kumari Sailja) ने कहा कि संसद में प्रश्न पूछने पर रोक लगाना (Ban on asking Questions in Parliament) गंभीर चिंता का विषय है (Is matter of Serious Concern) ।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा लोकसभा सचिवालय को यह निर्देश दिया जाना कि पीएम केयर्स फंड, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष और राष्ट्रीय रक्षा कोष से जुड़े विषयों पर संसद में प्रश्न नहीं पूछे जा सकते, लोकतंत्र की मूल भावना और संसदीय परंपराओं के लिए अत्यंत गंभीर विषय है। संसद जनता की आवाज़ है और जनप्रतिनिधियों को जनहित से जुड़े हर विषय पर प्रश्न पूछने का संवैधानिक अधिकार है।
यह बात सिरसा की सांसद, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव तथा पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने आज जारी एक बयान में कही। सांसद सैलजा ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन से संचालित इन कोषों पर सवाल उठाना पारदर्शिता और जवाबदेही का हिस्सा है। यदि संसद में ही इन विषयों पर प्रश्नों को रोका जाएगा तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा को कमजोर करेगा। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि संसदीय कार्य संविधान के अनुसार संचालित होंगे या फिर सरकारी आदेशों के आधार पर।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में मानसून की मार से सैकड़ों गरीब परिवारों के घर उजड़ गए। फसलें बर्बाद हो गईं और रोजगार ठप पड़ गया, लेकिन राज्य सरकार का राहत तंत्र केवल कागजों और फाइलों तक सीमित दिखाई दे रहा है। जिन लोगों का सब कुछ नष्ट हो गया, उन्हें आज तक सरकारी मुआवजा नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकार का कर्तव्य संवेदनशीलता और तत्परता से राहत पहुँचाना होता है, लेकिन पीड़ित परिवारों को मुआवजे के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। यह स्थिति बताती है कि सरकार जनता के दुख में साथ खड़ी होने के बजाय उन्हें अकेला छोड़ रही है। सरकार को बताना चाहिए कि राहत पहुँचाने में इतनी बेरुखी क्यों बरती जा रही है और पीड़ितों को समय पर सहायता क्यों नहीं मिल रही।
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