img-fluid

बांग्लादेश चुनाव में गठबंधन के साथ आगे चल रही BNP…. नतीजों पर भारत की पैनी नजर

February 13, 2026

नई दिल्ली। बांग्लादेश चुनाव (Bangladesh Elections) पर भारत (India) की पैनी नजर बनी हुई है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पड़ोसी मुल्क के निमंत्रण के बाद भी भारत (India) की तरफ से पर्यवेक्षक (Supervisor) नहीं भेजे गए थे। साथ ही सरकार ने इसकी वजह भी बताई है। ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि तारिक रहमान (Tariq Rahman) की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (Bangladesh Nationalist Party) और गठबंधन के साथ चुनाव में आगे चल रहे हैं।

भारत ने क्यों नहीं भेजे पर्यवेक्षक
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमें पर्यवेक्षक भेजने का निमंत्रण मिला था। हमने बांग्लादेश में अपने पर्यवेक्षकों को नहीं भेजा है।’ उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश में चुनाव हे रहा है। हमें चुनाव परिणामों का इंतजार करना चाहिए ताकि पता चल सके कि किस तरह का जनादेश आया है…और उसके बाद हम सामने आने वाले मुद्दों पर विचार करेंगे। चुनाव के संबंध में, आप जानते हैं कि हमारा रुख क्या रहा है। हम बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनावों के पक्षधर हैं।’


  • करीब 81 स्थानीय संगठनों के 55,454 पर्यवेक्षकों ने चुनाव की निगरानी की, जबकि विदेशी चुनाव पर्यवेक्षकों की संख्या 394 रही। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों में से 80 अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय संगठनों की तरफ से हैं, जबकि बाकी अलग-अलग देशों से हैं, जिनमें स्वतंत्र यूरोपीय पर्यवेक्षक भी शामिल हैं।

    किसके पक्ष में जा रहा है चुनाव
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल 299 सीटों में से 174 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना पूरी हो चुकी है। वहीं, 125 अभी बाकी हैं। बीएनपी और गठबंधन 135 पर आगे चल रहा है। वहीं, जमात और गठबंधन 34 पर आगे है। इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश 1 सीट पर आगे है। अन्य 4 पर बढ़त बनाए हुए है।

    बांग्लादेश चुनाव
    इस चुनाव में दो पूर्व सहयोगी दलों बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच सीधा मुकाबला है। जनमत सर्वेक्षणों में बीएनपी को मामूली बढ़त दी गई थी। गुरुवार को मुल्क की 300 में से 299 सीटों पर 60 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था। खास बात है कि अगस्त 2024 में हुई हिंसा और शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद पहली बार आम चुनाव हो रहे हैं।

    शेख हसीना की पार्टी का नाम ही नहीं
    बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग को पिछले साल भंग कर दिया था और पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। बांग्लादेश में 30 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब हसीना की अवामी लीग का चुनाव चिन्ह ‘नाव’ मतपत्र पर नहीं दिखाई दिया।

    Share:

  • पाक हॉकी टीम की विदेश में किरकिरी, होटल बुकिंग रद्द होने से खिलाड़ियों को घंटों बाहर करना पड़ा इंतज़ार

    Fri Feb 13 , 2026
    इस्लामाबाद/कैनबरा। पाकिस्तान की राष्ट्रीय हॉकी टीम (Pakistan national hockey team) को ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान गंभीर प्रशासनिक अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक टीम जब कैनबरा (canberra) पहुँची तो होटल में उनकी बुकिंग ही नहीं मिली, जिसके कारण खिलाड़ियों और अधिकारियों को कई घंटे सड़क पर इंतजार करना पड़ा। टीम एफआईएच प्रो लीग […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved