मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और MLC अमोल मिटकरी (Amol Mitkari) ने बारामती में हुए विमान हादसे पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें अजित पवार की मौत हुई थी। मिटकरी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हादसे में छह लोगों की मौत हुई, लेकिन केवल पांच शव ही मिले। उन्होंने सवाल उठाए कि उड़ान से पहले यात्रियों की सूची डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है, तो यह विसंगति क्यों? पायलटों को बार-बार क्यों बदला गया?
मिटकरी ने मांग की कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस संबंध में व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे।
राजनीतिक जोड़-तोड़ और विवाद
बाद में शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी इस हादसे से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अजित पवार की बारामती यात्रा और उनकी मौत भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर हुई। राउत ने बताया कि अजित पवार भाजपा के भ्रष्टाचार और सिंचाई घोटाले से जुड़ी फाइलें अपने पास रखते थे।
राउत ने राज्यसभा में कहा, “15 जनवरी को अजित पवार ने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, और 10 दिनों के भीतर उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उनके पास 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले की फाइल थी।”
भाजपा सांसदों और नेताओं ने राउत के बयान पर प्रतिक्रिया दी। अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने कहा कि न्यायाधीश लोया की मृत्यु जैसी घटनाओं में सच्चाई सामने आई थी। भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि “अजित पवार विमान हादसे की जांच में भी सच्चाई सामने आएगी।”
महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं और संजय राउत “अपने मानसिक संतुलन खोकर बयान दे रहे हैं।”
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved