
नई दिल्ली। ज्योतिष के अनुसार(According to astrology) न्याय के देवता(the god of justice) शनि(Saturn) 13 मार्च 2026 को शाम 7:38 बजे अस्त होंगे। शनि मीन राशि में सूर्य के बेहद(Sun in Pisces, reducing its power) करीब स्थित होंगे, जिससे उनकी शक्ति कम हो जाएगी। इस खगोलीय स्थिति को ज्योतिष में “ग्रह का अस्त होना”(setting of the planet) कहते हैं। शनि 18 अप्रैल 2026 को सुबह 5:29 बजे फिर से उदित होंगे। इस दौरान सूर्य 15 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन राशि में रहेगा, जिससे शनि की ऊर्जा पर असर और बढ़ जाएगा(Saturn’s energy will increase further.)।
शनि का अस्त सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालता है, लेकिन कन्या, सिंह और मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि सबसे चुनौतीपूर्ण रहने वाली है।
कन्या राशि: शनि का अस्त कन्या राशि वालों के लिए कामकाज और स्वास्थ्य में रुकावट ला सकता है। इस दौरान मेहनत का पूरा फल नहीं मिलेगा, तनाव बढ़ेगा और खर्चों में अनावश्यक बढ़ोतरी हो सकती है। वित्तीय निर्णय लेते समय विशेष सतर्कता जरूरी है।
सिंह राशि: सिंह राशि पर शनि की ढैय्या पहले से चल रही है। अस्त के समय अहंकार और बड़बोलेपन से बचना होगा। अनैतिक या जल्दबाजी में किए गए फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं। करियर और व्यक्तिगत जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
मकर राशि: मकर राशि वालों के कामों और निवेश पर शनि का अस्त असर डालेगा। पैसों की रुकावट और आर्थिक तनाव हो सकता है। बड़े निर्णय लेने से बचें और सतर्क रहें।
शनि अस्त के उपाय: यदि शनि की स्थिति कठिन लग रही हो, तो शनिवार को जरूरतमंदों को तिल, काले कपड़े और जूते दान करें। किसी असहाय व्यक्ति की मदद करें। शनि मंदिर में तेल चढ़ाएं और शनि चालीसा का पाठ करें। ध्यान रखें कि शनि देव की मूर्ति के सामने सीधे खड़े न हों, हल्का तिरछा होकर खड़े रहें और नेत्रों में सीधे न देखें।
इस अवधि में संयम, धैर्य और सतर्कता अपनाना आवश्यक है। आर्थिक फैसलों, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत संबंधों में जल्दबाजी से बचें। शनि का अस्त 39 दिन तक रहेगा और इन राशियों पर इसका असर सबसे अधिक महसूस होगा।
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