
जबलपुर। चर्च की जमीन को खुर्द-बुर्द करने के आरोपी जबलपुर डायोसिस के बिशप पी.सी सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडबलू) की जांच में यह बात सामने आयी कि ईसाई मिशनरीज द्वारा संचालित स्कूलों में जो फीस जमा होती थी, उस राशि में से बिशप अपने व अपने परिवार के लिए कीमती वाहन खरीद कर अपना शौक पूरा करता था. ईओडबलू ने पांच कीमती चौपहिया वाहन जब्त किये हैं। करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े में फंसे द बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च आफ नार्थ इंडिया जबलपुर डायोसिस के पूर्व चेयरमैन व पूर्व बिशप पीसी सिंह ने स्कूल और सोसायटियों से मिली रकम को हड़पने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहे. ईओडबलू की जांच में यह बात सामने आयी है. स्कूलों की राशि से ही कीमती वाहनों को खरीदा था, जिस पर उक्त वाहनों को जब्त कर लिया है।
जेल में बंद है पीसी सिंह
पूर्व बिशप पीसी सिंह को अभी कम से कम और 11 अक्टूबर तक सेन्ट्रल जेल जबलपुर में जेल में ही रहना पड़ेगा. गत 30 सितम्बर को जमानत याचिका पर हुई सुनवाई में जबलपुर हाईकोर्ट ने बिशप पी.सी सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई 11 अक्टूबर तक के लिए टाल दी है
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