
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भोपाल (Bhopal) की एक अदालत में धोखाधड़ी का एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला (Unique Shocking fraud case ) सामने आया है। यहां कुख्यात ‘इरानी डेरा’ गैंग (Infamous ‘Irani Dera’ Gang) के अपराधियों को छुड़ाने के लिए एक मृत व्यक्ति की तस्वीर और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया।
एक रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल पुलिस ने 27-28 दिसंबर को पुलिस को निशाना बनाने के आरोप में ईरानी डेरा से गिरफ्तार किए गए एक गैंग के लिए धोखाधड़ी और फर्जी कागजात जमा करने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें दो वकील, एक शपथ आयुक्त और दो ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने अदालत में जमानत बांड जमा किए थे। जमानत बांड जमा करने वाले दो लोगों में से एक की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे का उस जमीन के टुकड़े पर कोई दावा नहीं है जिसे उसने जमानत बांड जमा करते समय गारंटी के रूप में रखा था।
बेटे ने किया खुलासा
इस जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब जमानत मिलने के बाद एक शख्स के बेटे ने दावा किया कि उसके पिता की तो मौत हो चुकी है। इस गंभीर धोखाधड़ी पर कड़ा रुख अपनाते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) लक्ष्मी वासकले ने पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
भोपाल की निशातपुरा पुलिस ने अब दो वकीलों समेत छह लोगों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और दस्तावेजों की हेराफेरी (BNS की धाराओं) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, लोक अभियोजक ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल फर्जी बेल बांड रद्द किए गए हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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