
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (reserve Bank of India) यानी आरबीआई (RBI) ने ₹2000 के नोटों को वापस लेने की प्रक्रिया पर एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। आरबीआई के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, प्रचलन से हटाए गए ₹2000 के कुल नोटों में से 98.41 प्रतिशत नोट बैंकिंग प्रणाली (Banking System) में वापस आ चुके हैं। 19 मई, 2023 को शुरू हुई इस प्रक्रिया के बाद अब बाजार में इस मूल्यवर्ग के बहुत ही कम नोट शेष रह गए हैं।
रिजर्व बैंक द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जब 19 मई, 2023 को इन नोटों को वापस लेने की घोषणा की गई थी, तब बाजार में कुल ₹3.56 लाख करोड़ मूल्य के ₹2000 के नोट प्रचलन में थे। 31 दिसंबर, 2025 को कामकाज की समाप्ति तक, यह मूल्य घटकर मात्र ₹5,669 करोड़ रह गया है। यह डेटा दर्शाता है कि पिछले ढाई वर्षों में भारतीय नागरिकों और संस्थाओं ने उच्च मूल्य वाली इस मुद्रा को वापस करने में सक्रियता दिखाई है।
आरबीआई ने साफ किया है कि भले ही ये नोट अब आम लेनदेन के लिए बैंक शाखाओं में स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं, लेकिन ये अभी भी ‘लीगल टेंडर’ (वैधानिक मुद्रा) बने हुए हैं। नोटों को वापस करने की समयसीमा में कई बदलाव किए गए थे। देश की सभी बैंक शाखाओं में ₹2000 के नोटों को जमा करने या बदलने की सुविधा 7 अक्तूबर 2023 तक उपलब्ध थी।
9 अक्तूबर 2023 से, भारतीय रिजर्व बैंक के 19 निर्गम कार्यालयों में व्यक्ति या संस्थाएं सीधे जाकर अपने बैंक खातों में इन नोटों को जमा कर सकते हैं। आम जनता के लिए प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए, देश भर के किसी भी डाकघर से इंडिया पोस्ट के माध्यम से भी नोट भेजे जा सकते हैं। ये नोट सीधे आरबीआई के निर्गम कार्यालयों को भेजे जाते हैं और संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते में राशि क्रेडिट कर दी जाती है।
₹2000 के नोटों को वापस लेने का निर्णय आरबीआई की ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ का हिस्सा था। नवंबर 2016 में विमुद्रीकरण के बाद बाजार में मुद्रा की तत्काल कमी को पूरा करने के लिए ये नोट पेश किए गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नोटों की वापसी से बैंकिंग तरलता में सुधार हुआ है और उच्च मूल्य के नोटों के माध्यम से होने वाली संभावित जमाखोरी पर भी अंकुश लगा है।
हालांकि 98% से अधिक नोट वापस आ चुके हैं, लेकिन शेष ₹5,669 करोड़ मूल्य के नोटों की वापसी की प्रक्रिया अब भी जारी है। आरबीआई ने जनता से अपील की है कि जिनके पास अभी भी ये नोट बचे हैं, वे आरबीआई के निर्दिष्ट कार्यालयों या डाक विभाग की सुविधा का उपयोग करके इन्हें जल्द से जल्द जमा करें। फिलहाल, आरबीआई ने इस प्रक्रिया को बंद करने की कोई अंतिम तारीख घोषित नहीं की है, जिससे नागरिकों के पास अपनी शेष राशि सुरक्षित करने का अवसर बना हुआ है।
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