
पटना। चुनाव आयोग (Election Commission) के निर्देश पर बिहार (Bihar) के सभी मतदान केंद्रों (All Polling stations) एवं सरकारी कार्यालयों (Government Offices) में एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (SIR draft voter list) से हटाए गए नामों की श्रेणीवार सूची (Category wise list) सोमवार को चिपका दी गई। आयोग ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद उठाया है। इन नामों को प्रखंड, पंचायत एवं नगर निकाय कार्यालयों में भी आम लोगों के लिए प्रदर्शित किया गया है। लिस्ट में अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत एवं दोहरी प्रवृष्टि वाले मतदाताओं के नाम हैं।
ये नाम सूची के पुनरीक्षण (एसआईआर) के पूर्व मतदाता सूची में थे, लेकिन इन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। सोमवार को राज्य के कुल 90,712 बूथों पर संबंधित विधानसभा क्षेत्र के हटाए गए वोटरों के नामों की सूची चिपकाई गई। जिनके नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, अपने ईपिक नंबर से कारण सहित प्रवृष्टि की सूचना एवं जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
एक दिन पहले सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं बिहार के सीईओ कार्यालय की वेबसाइट पर सभी 65 लाख हटाए गए वोटरों की श्रेणीवार सूची अपलोड कर दी गई थी। बिहार के सीईओ विनोद सिंह गुंजियाल ने सोमवार को सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक की और बूथों एवं सरकारी कार्यालयों में प्रदर्शित किए गए श्रेणीवार सूची की जानकारी ली।
गुंजियाल ने सभी जिलों के डीएम को एसआईआर में मतदाताओं की सहभागिता तय कराने का निर्देश दिया। प्रदर्शित सूची से असंतुष्ट मतदाताओं से दावा-आपत्ति लेने को कहा। उन्होंने कहा कि 1 सितंबर तक दावा-आपत्ति को लेकर तय कार्रवाई को लेकर वोटरों को जानकारी दें।
आधार की कॉपी जमा कर सकते हैं पीड़ित : आयोग
चुनाव आयोग ने कहा कि बिहार में एसआईआर ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर रह गए लोग वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए अपने आधार की प्रति जमा कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आधार को स्वीकार करने का निर्देश दिया था। आयोग ने कहा कि नियमों के अनुसार, दावों-आपत्तियों का निपटारा निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा किया जाएगा, पर पात्रता दस्तावेजों के सत्यापन के कम से कम सात दिन बाद ही।
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