
लंदन। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज रोरी बर्न्स ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से जैव-सुरक्षित बुलबुले की सीमा में रहने के दौरान उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा था और वे आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों के लिए अपनी उपलब्धता को सीमित कर सकते हैं।
बता दें कि, कोविड-19 लॉकडाउन के बाद जुलाई में फिर से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ी जैव-सुरक्षित बुलबुले में रह रहे हैं, जिसमें कोरोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। इसी बीच, बर्न्स ने वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ दो अलग-अलग सीरीज में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया था।
बर्न्स ने एक समाचार पत्र को बताया, “बॉयो जीवन अलग था। यह कुछ ऐसा नहीं है जिसे मैंने व्यक्तिगत रूप से बहुत पसंद किया है।”
उन्होने कहा, “मुझे एक कॉफ़ी के लिए जाना पसंद है, एक साथी या मेरी मिसस को देखना पसंद है। क्रिकेट के बारे में न सोचकर खुद को तरोताजा करना भी। और बुलबुले में यह सब करना बहुत कठिन है। मेरे लिए यह मुख्य चुनौती थी।”
बर्न्स ने कहा कि वह अपने पहले बच्चे के जन्म के चलते जनवरी में इंग्लैंड का श्रीलंका दौरा छोड़ सकते हैं।
इंग्लैंड के एक अन्य सलामी बल्लेबाज, टॉम बैंटन ने भी शनिवार को जैव-सुरक्षित वातावरण में रहने के संघर्ष के चलते खुद को ब्रिसबेन हीट के आगामी बिग बैश लीग अभियान से बाहर कर लिया है। (एजेंसी, हि.स.)
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