
नई दिल्ली । दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (cryptocurrency bitcoin) में लगातार गिरावट जारी है। गुरुवार, 20 नवंबर को बिटकॉइन का भाव घटकर 92,000 डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया। इसकी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें कम करने को लेकर अनिश्चितता है। सुबह 6:15 बजे के आंकड़ों के अनुसार, बिटकॉइन की कीमत 0.41% गिरकर 92,140.39 डॉलर हो गई।
बिटकॉइन का कुल मार्केट कैप 1.83 ट्रिलियन डॉलर रहा, जबकि पिछले 24 घंटों में इसकी ट्रेडिंग की मात्रा 80.08 बिलियन डॉलर रही। वहीं, दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ईथर भी 0.28% गिरकर 3,042 डॉलर पर आ गई।
गिरावट का कारण
दिसंबर में फेड रिजर्व की ब्याज दर में कटौती की संभावना घटकर केवल 32% रह गई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि फेड रिजर्व की बैठक के विवरण से पता चला कि वह महंगाई और रोजगार बाजार को लेकर अभी सतर्क है। इस वजह से निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों से दूर भाग रहे हैं।
उच्च ब्याज दरों से बिटकॉइन जैसी संपत्तियों का आकर्षण कम हो जाता है, क्योंकि यह निवेश पर कोई नियमित आय (ब्याज) नहीं देती। साथ ही, स्पॉट बिटकॉइन ETF से लगातार पांचवें दिन भी पैसा निकाला गया, जिससे बाजार पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
हालिया दबाव और नुकसान
बिटकॉइन पिछले कुछ दिनों से लगातार दबाव में है। मंगलवार, 18 नवंबर को यह सात महीने में पहली बार 90,000 डॉलर से नीचे गिर गया था। इस अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाली क्रिप्टोकरेंसी ने साल 2025 में अब तक की अपनी सारी बढ़त गंवा दी है और अक्टूबर में 126,000 डॉलर के अपने शिखर से यह लगभग 30% नीचे है। ईथर भी अगस्त के अपने शिखर (4,955 डॉलर) से लगभग 40% गिर चुकी है।
बाजार की मनोदशा
अक्टूबर की शुरुआत में बिकवाली के बाद से क्रिप्टो बाजार अभी तक स्थिर नहीं हो पाया है, जिसमें 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ था। हालांकि बड़े संस्थागत निवेशक अभी भी टिके हुए हैं, लेकिन छोटे निवेशकों की भागीदारी और सस्ते में खरीदारी की गतिविधियां कम हो गई हैं।
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