
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद बी के हरिप्रसाद (B K Hariprasad) के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) को भारतीय तालिबान कहने पर भाजपा (BJP) भड़क गई है। बीजेपी की तरफ से मोर्चा खोलते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को ऐसा कहने से पहले शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ की तालिबान से तुलना करना न केवल शर्मनाक है बल्कि इससे कांग्रेस पार्टी के कट्टरपंथी संगठनों के साथ संबंधों का भी खुलासा होता है।
बोम्मई ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के लाल के भाषण में संघ का जिक्र आने पर कांग्रेस द्वारा की जा रही आलोचना पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस नेताओं को आरएसएस को तालिबान कहने में शर्म आनी चाहिए। वास्तविकता यह है कि कांग्रेस ने ही टीपू सुल्तान को हीरो बनाकर महिमामंडित किया था और आज वे एसडीपीआई जैसे संगठनों से हाथ मिला रहे हैं। ये असली तालिबान समर्थक हैं।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस स्वतंत्रता संग्राम की विरासत पर एकाधिकार जमाने की कोशिश कर रही है और अनगिनत गुमनाम नायकों के बलिदानों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा, “किसानों, मजदूरों और सभी वर्ग के लोगों ने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया लेकिन कांग्रेस अभी भी सारा श्रेय खुद लेने की कोशिश कर रही है।”
इतना ही नहीं बोम्मई ने इतिहास का जिक्र करते हुए कांग्रेस को इस बात का भी ध्यान दिलाया कि महात्मा गांधी ने आजादी के बाद कांग्रेस को भंग करने का सुझाव दिया था। उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस पार्टी अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। कांग्रेस के 70-75 साल के शासन ने देश को केवल पीछे धकेला है और आज जब इसके नेता देश-विरोधी बयान देते हैं तो यह संदेह उत्पन्न होता है कि क्या वे स्वतंत्रता सेनानियों की परंपरा से साथ खड़े हैं।”
शहजाद पूनावाला ने साधा निशाना
बोम्मई के अलावा एक और भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस नेता हरिप्रसाद पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भारतीय सेना में गुंड़े दिखाई देते हैं, ऑपरेशन सिंदूर में आत्म समपर्पण और आरएसएस में तालिबान दिखाई देता है। उन्हें सिर्फ पाकिस्तान ही अपना नजर आता है। उन्होंने कहा, “सेनाओं, संवैधानिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और सनातन का अपमान करना कांग्रेस की पहचान बन गई है। राष्ट्रवादी संगठनों को निशाना बनाने के कारण अदालतों ने कई बार उनकी खिंचाई की है।”
उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस की मानसिकता तालिबानी है। महात्मा गांधी और जयप्रकाश नारायण ने आरएसएस की प्रशंसा क्यों की? (पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के दिग्गज नेता) दिवंगत प्रणब मुखर्जी आरएसएस मुख्यालय क्यों गए थे?”
क्या कहा था कांग्रेस नेता ने
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आरएसएस का जिक्र करने के बाद से ही कांग्रेस पार्टी लगातार हमलावर थी। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “आरएसएस देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि संघ भारतीत तालिबान है और पीएम उसकी लाल किले से तारीफ कर रहे हैं।”

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