
नई दिल्ली: पाकिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army) ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन (Jaffar Express Train) को हाईजैक कर लिया है. बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) का दावा है कि उनके पास 200 से ज्यादा पाकिस्तानी लोग बंधक हैं. 28 घंटे बीत जाने के बाद भी पाकिस्तानी सेना कुछ नहीं कर पाई है. बीएलए ने ऑडियो जारी किया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पाकिस्तान रेलवे ने 200 से ज्यादा ताबूत बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा भेजे हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है.
बलोच लिबरेशन आर्मी ने ट्रेन हाईजैक के पीछे की वजह बताई है. एक ऑडियो संदेश में बलोच फिदायीन ने कहा, ‘पाकिस्तान सेना के अत्याचार और बलूचिस्तान प्रांत के संसाधनों के शोषण ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया. दशकों से पाकिस्तानी सेना द्वारा शोषण किया जा रहा है. हम जो युद्ध लड़ रहे हैं वो न्याय और अस्तित्व की लड़ाई है. यह युद्ध बलूचिस्तान के माताओं और बहनों के लिए है. मातृभूमि के लिए अपना खून बहा रहे हैं.’
बलोच लिबरेशन आर्मी के मुखिया डॉ. अल्लाह नजर एक गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर हैं. बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान का सबसे संसाधन संपन्न क्षेत्र है, अब सबसे गरीब राज्य बन गया है. इस विद्रोह के पीछे दशकों से चली आ रही गुलामी और शोषण की व्यवस्था है. बलूचिस्तान में हुए ट्रेन हाईजैक की अप्रिय घटना पर पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया पर कई सवाल उठ रहे हैं.
पाक के सरकारी सूत्रों के अनुसार, 80 यात्रियों को बचा लिया गया है और 30 आतंकवादी मारे गए हैं. हालांकि, बलूच नेताओं का कहना है कि सरकार स्थिति की गंभीरता को छिपा रही है. 200 ताबूतों के भेजे जाने की खबर से तनाव बढ़ा है. विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया अपर्याप्त है और वह स्थिति को नियंत्रित करने में बिल्कुल विफल रही है.

©2026 Agnibaan , All Rights Reserved