
इंदौर, प्रदीप मिश्रा। एमवाय हास्पिटल ब्लड बैंक में इस साल जनवरी माह में 2424 और पिछले साल 2025 में 40 हजार से ज्यादा रक्तदाताओं ने जहां दुर्घटना में घायल और जरूरतमंदों की जान बचाने के लिए स्वेच्छा से रक्तदान किया, वहीं इनमें कइयों ने ज्योतिष की सलाह पर अपनी कुंडली में शुभ मंगल का पॉवर बढ़ाने के लिए भी रक्तदान किया है। सोशल मीडिया के आने के बाद भी इस तरह की सोच और तरीके का चलन बढ़ता जा रहा है।
जन्म पत्रिका बनाने और देखने वाले ज्योतिषों की सलाह पर जन्मकुंडली में कम डिग्री वाले मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए ब्लड डोनेट करने वालों का कहना है कि जो लोग आर्थिक तंगी के चलते असली मूंगा नहीं पहन सकते, वह सालभर में हर 4 माह में रक्तदान कर पॉजिटिव मंगल की डिग्री मतलब पॉवर बढ़ा सकते हैं। इस वजह से भी कई युवाओ में रक्त दान करने का चलन बढ़ा है। इन युवाओं का कहना है कि रक्तदान करने से उन्हें दोगुना फायदा मिल रहा है।
उनके द्वारा दिए गए ब्लड से जहां किसी जरूरतमंद की जान बचाने का पुण्य मिल रहा है, वहीं कुंडली में मंगल ग्रह भी मजबूत हो रहा है। एरोड्रम रोड कालानी नगर निवासी लाल किताब विशेषज्ञ ज्योतिषी आशीष शुक्ला का तो यहां तक दावा है कि सालभर में 3 बार रक्तदान करने से पत्रिका में मंगल दोष भी दूर होता है। हालांकि अग्निबाण ऐसी किसी भी ज्योतिष सलाह का समर्थन या विरोध नहीं करता है।
रक्तदान में मिले रक्त की उम्र 35 दिन होती है
एमवाय हास्पिटल अधीक्षक और ब्लड बैंक प्रमुख अधिकारी डाक्टर अशोक यादव ने बताया कि साल 2016 से लेकर 2025 तक मतलब इन दस सालों में जरूरतमंद मरीजों के लिए एमवाय हॉस्पिटल ब्लड बैंक को रक्तदाताओं ने 3 लाख 35 हजार 825 यूनिट ब्लड दिया है। इसमें पिछले साल 2025 में 40 हजार 381 रक्तदाताओं के ब्लड यूनिट की संख्या भी शामिल है। इसके अलावा इस नए साल 2026 के पहले माह जनवरी में 31 दिनों में 2424 रक्तदाताओं ने रक्त दिया है। एमवाय ब्लड बैंक के अनुसार शरीर से निकाले गए या रक्तदाता द्वारा दिए गए रक्त की उम्र सिर्फ 35 दिन होती है। इसलिए इस समयसीमा के पहले इसका उपयोग जरूरी होता है।
साल यूनिट ब्लड
2016 26830
2017 27014
2018 31336
2019 31800
2020 24189
2021 35146
2022 40148
2023 43822
2024 35159
2025 40381
कुल 3,35,825 यूनिट ब्लड
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved