
इंदौर, डॉ जितेन्द्र जाखेटिया। शिक्षक को स्थायी करने की फाइल पर हस्ताक्षर करने के लिए 2000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ी गई संकुल प्राचार्य को मामला निपटाने का सौदा 2 लाख में कर ठगोरों ने खुद ठग लिया। इस प्राचार्य ने ठगराज को 1 लाख दे भी दिए। इसके बाद उसे इस बात का एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है तो उसने मामले की शिकायत साइबर सेल में की। साइबर सेल ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए प्राचार्य को उसके द्वारा दिए गए 1 लाख रुपए वापस दिलवाए।
गत 10 सितंबर को लोकायुक्त पुलिस द्वारा सांवेर के संकुल की प्राचार्य मनीषा पहाडिय़ा को 2000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया था। लोकायुक्त पुलिस में आशीष मारू द्वारा शिकायत की गई थी कि 30 अक्टूबर 2021 को उनकी नियुक्ति संदीपनि मॉडल स्कूल कछालिया में हुई थी। उनकी परिवीक्षा की अवधि 30 अक्टूबर 2024 को पूरी हो गई है। ऐसे में उनकी स्थायी नियुक्ति की फाइल संकुल प्राचार्य मनीषा पहाडिय़ा के पास हस्ताक्षर के लिए गई थी। इस फाइल पर हस्ताक्षर करने के लिए संकुल प्राचार्य द्वारा 2000 की रिश्वत मांगी गई। इस शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा मनीषा पहाडिय़ा को 2000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले के बाद पिछले दिनों मनीषा पहाडिय़ा के पास अज्ञात व्यक्ति का फोन आया और उसने कहा कि वह लोकायुक्त पुलिस का यह मामला निपटा देगा। इस कार्य के लिए 2 लाख की राशि देना होगी। मनीषा पहाडिय़ा द्वारा इस पर अपनी सहमति दी गई और संबंधित व्यक्ति द्वारा बताए गए खाते में ऑनलाइन 50 हजार ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बाद संबंधित ने कहा कि केवल 50 हजार देने से काम नहीं होगा तो फिर मनीषा द्वारा और 50 हजार जमा कर दिए गए। इस तरह 1 लाख देने के बाद संबंधित व्यक्ति ने मनीषा पहाडिय़ा से बात करना बंद कर दिया। ऐसे में उसे इस बात का एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।
उसने इस घटनाक्रम की शिकायत तत्काल पुलिस की साइबर सेल को की। साइबर सेल द्वारा इस मामले में कार्रवाई करते हुए ठगी करने वाले व्यक्ति पर शिकंजा कसा गया और मनीषा पहाडिय़ा को उसके 1 लाख वापस दिलाए गए। हाल ही में इंदौर जिले की जिला शिक्षा अधिकारी शांत स्वामी से मिलने के लिए मनीषा पहाडिय़ा आई तो उसने अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी की शिकायत उनसे भी की। इस मामले की जानकारी मिलने पर इस प्रतिनिधि द्वारा जब मनीषा पहाडिय़ा से संपर्क किया गया तो उसने अपने फोन को अलग सेटिंग पर सेट कर रखा है, जिसके चलते हुए उसे फोन लगाकर बात कर पाना संभव नहीं था। ऐसे में कल कार्यालय में एक शिक्षक के फोन पर फोन लगाकर जब उससे चर्चा की गई तो मनीषा ने कहा कि अब पूरा मामला निपट गया है। अब इस मामले में बातचीत को छोड़ दीजिए।

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