
इंदौर। लसूडिय़ा थाने (Lasudia police station) में एक रिटायर्ड कर्मचारी (retired employee) ने अपने भाई और अन्य के खिलाफ जालसाजी (forgery) का केस दर्ज करवाया है। उसका आरोप है कि भाई ने पहले बेटे की नौकरी (job) लगाने के नाम पर लाखों रुपए ले लिए और बाद में जमीन (land) दिलाने के नाम पर प्लाट (plot) तक बिकवा दिया। यही नहीं, सभी ने मिलकर षड्यंत्रपूर्वक 2 साल तक प्रताडि़त करते हुए धमकाया भी।
सुशीलसिंह सोलंकी निवासी स्कीम नंबर 114 (scheme number 114) की शिकायत पर उसके भाई सौरभसिंह, सौरभ के परिचित मोहनसिंह और भूपेंद्रसिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई। सुशीलसिंह विद्युत मंडल से रिटायर्ड हैं, जबकि उनका भाई सौरभ पंजाब नेशनल बैंक से सेवानिवृत्त हुआ है। आरोप है कि सौरभ ने सुशील को बेटे की नौकरी लगाने के नाम पर पहले 5 लाख रुपए ले लिए। फिर दोबारा 7 लाख रुपए लिए। रुपए लेने के बाद भी नौकरी तो नहीं लगी, लेकिन सौरभ बातों में उलझाता रहा और मोहनसिंह के राजनीतिक रसूख और भूपेंद्रसिंह की अधिकारियों में पहुंच का रसूख दिखाने लगा। बाद में बातों में उलझाकर एक जमीन की खरीदारी में सुशील को पार्टनर बनाने का झांसा दिया और उसका प्लाट बिकवाकर 10 लाख रुपए ले लिए। बाद में पता चला कि ये सभी मिलकर धोखा दे रहे हैं। मोहन के बारे में जानकारी निकाली तो वह सिक्योरिटी गार्ड निकला। भूपेंद्र भी धोखेबाज निकला। बाद में सभी धमकाने लगे।
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