इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) में एक 13 वर्षीय ईसाई लड़की (Christian girl) के कथित अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन (Religion change) और कम उम्र में शादी कराए जाने के आरोपों ने मानवाधिकार से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठन (Human Rights Focus) Pakistan (HRFP) ने इस मामले पर गहरी चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना पंजाब प्रांत के Sahiwal जिले की चिचावतनी तहसील में हुई बताई गई है।
पीड़िता के परिवार का आरोप है कि 10–11 जनवरी 2026 की रात के बीच लड़की का अपहरण किया गया।
परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 365-बी के तहत मामला दर्ज किया गया।
लड़की के पिता, जो दिहाड़ी मजदूर हैं, ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने उसे कुछ व्यक्तियों द्वारा जबरन वाहन में ले जाते देखा था।
परिवार का आरोप, जांच में देरी और धमकियां
परिवार का कहना है कि कि शिकायत के बावजूद लड़की को तलाशने के प्रयास पर्याप्त नहीं हुए। बाद में कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर कथित तौर पर दबाव और धमकी दी।इस घटना के बाद घर में घुसपैठ और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराओं में एक और मामला दर्ज कराया गया।
धर्म परिवर्तन और शादी का दावा, विवाद बढ़ा
आरोपित पक्ष की ओर से दावा किया गया कि लड़की ने इस्लाम स्वीकार कर लिया है और विवाह कर लिया है।
परिवार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह नाबालिग है और कानूनन न तो विवाह की सहमति दे सकती है और न ही धर्म परिवर्तन का वैध निर्णय ले सकती है।
मामला स्थानीय अदालत में भी पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद लड़की को माता-पिता से मिलने की अनुमति न मिलने पर परिवार ने प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
मानवाधिकार संगठन की मांग
HRFP के अध्यक्ष Naveed Walter ने कहा कि:
अल्पसंख्यक समुदाय की नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो। पीड़ित परिवार को धमकियों और उत्पीड़न से संरक्षण दिया जाए। संगठन ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में नाबालिग के अधिकारों और कानूनी प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
आधिकारिक स्थिति
पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि की गई है, जबकि जांच जारी है। अब तक प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला पाकिस्तान में अल्पसंख्यक अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों और जबरन विवाह/धर्मांतरण के आरोपों को लेकर जारी बहस को फिर से केंद्र में ले आया है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved