
चंडीगढ़ । भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच तनाव को देखते हुए सरकार (Government) ने इस साल नवंबर में गुरु नानक देव (Guru Nanak Dev) की जयंती पर प्रस्तावित ननकाना साहिब तीर्थ यात्रा (Nankana Sahib Pilgrimage) को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। गृह मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को पत्र लिखकर कहा है कि मौजूदा हालात में यह यात्रा संभव नहीं है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और ऐसे में गुरु नानक देव जी की जयंती के मौके पर श्रद्धालुओं की यात्रा के दौरान सुरक्षा खतरा बढ़ सकता है।
SGPC भड़की, फैसले पर पुनर्विचार की मांग
हालांकि सरकार के इस फैसले की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने आलोचना की है। समिति के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं का अपमान है। हरजिंदर सिंह ने तर्क दिया कि जब क्रिकेट मैच जैसे आयोजन पूरे सुरक्षा इंतजामों के साथ हो सकते हैं, तो श्रद्धालुओं को उनके धार्मिक स्थल तक पहुंचने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
भगवंत मान ने भी उठाए सवाल
इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। मुख्यमंत्री मान ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ दुश्मनी निकाल रही है। उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब और ननकाना साहिब दोनों की धार्मिक स्थल पंजाबियों की आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच कराए जा सकते हैं तो पंजाबियों को करतारपुर पर ननकाना साहब जाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही। मान ने पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू से भी जवाब मांगा है। भगवंत मान से प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया है कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर श्रद्धालुओं को पवित्र स्थलों पर दर्शन की अनुमति दी जाए।
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