
नई दिल्ली । नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal-affected areas) को पूरी तरह हिंसा मुक्त (Violence free) करने की दिशा में आखिरी चरण की मैपिंग चल रही है। प्रभावित क्षेत्रों में गांव-गांव सघन अभियान (Campaign) चलाकर सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं भी नक्सली बचे न रह जाएं। हथियारों की मौजूदगी की भी गहन छानबीन की जा रही है। साथ ही जिन इलाको को नक्सल हिंसा से मुक्त किया जा चुका है, वहां आईईडी की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि जनवरी का महीना बहुत ही महत्वपूर्ण है। सुरक्षा बलों की रणनीति है कि जहां कहीं भी नक्सलियों की मौजूदगी के खुफिया इनपुट हैं, उनकी जल्द मैपिंग पूरी हो और उसके आधार पर एक्शन का काम इसी महीने में पूरा हो जाए।
एक आला अधिकारी ने कहा, हम नक्सलमुक्त भारत के एकदम करीब हैं। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, जीरो इंसिडेंट के लिए सभी संदिग्ध इलाकों को चिन्हित करना और वहां नक्सल मौजूदगी, हथियार, आईईडी और अन्य नक्सल ढांचे की मौजूदगी का पता लगाने को लेकर सघन पड़ताल जरूरी है। हर तरह से संतुष्ट होने के बाद बचे इलाकों को नक्सल मुक्त घोषित किया जाएगा।
नक्सलियों का नेटवर्क बिखरता नजर आ रहा
सुरक्षाबलों द्वारा हर ओर से कार्रवाई तेज होने पर नक्सली घटनाओं, आईईडी ब्लास्ट और आम नागरिकों की हत्या के मामलों में साफ तौर पर कमी आई है। लगातार सर्च ऑपरेशन, एरिया डॉमिनेशन और खुफिया इनपुट के आधार पर की जा रही कार्रवाई से नक्सलियों का नेटवर्क बिखरता नजर आ रहा है। कई इलाकों में नक्सली या तो गिरफ्तार किए जा रहे हैं या फिर सरेंडर कर रहे हैं।
केंद्र सरकार को हर सप्ताह भेजी जा रही रिपोर्ट
अधिकारी ने कहा, हर सप्ताह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जा रही है। माना जा रहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नक्सलियों के खिलाफ आखिरी चरण के अभियान की समीक्षा के लिए इसी महीने छत्तीसगढ़ जा सकते हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में अब तक 317 नक्सलियों को मार गिराया गया है। इसके साथ ही 862 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 1,973 ने आत्मसमर्पण किया है।
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