
बीजिंग (Beijing) । दक्षिण चीन सागर (South China Sea) को लेकर एक बार फिर चीन और फिलीपींस (China and Philippines) आमने-सामने आ गए हैं। चीन के दूतावास ने रविवार को फिलीपींस के राजदूत (Ambassador) द्वारा अमेरिका (America) में दिए गए बयानों की कड़ी निंदा की और कहा कि उन्होंने बुनियादी तथ्यों की अवहेलना की है।
यह है मुद्दा
बता दें कि दक्षिण चीन सागर अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री लाइनों में से एक है। इसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध माना जाता है। समुद्री इलाकों पर चीन व्यापक दावे करता है। इस कारण मलेशिया , ब्रुनेई , इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम सहित प्रतिस्पर्धी दावेदार कथित रूप से नाराज हैं।
चीनी दूतावास ने कहा कि फिलीपींस के राजदूत द्वारा की गई बयानबाजी ने दक्षिण चीन सागर मुद्दे को बेवजह तूल दिया है। इतना ही नहीं, इसकी वजह से चीन पर धब्बा लगा है।
फिलीपींस के राजदूत का बयान
अमेरिका में फिलीपींस के राजदूत जोस मैनुअल रोमुअलडेज ने बुधवार को कहा था कि अमेरिका दक्षिण चीन सागर के मुद्दे और संभावित ताइवान संघर्ष को गंभीर रूप से देखता है। वहां हो रही सभी झड़पों को देखते हुए उसका मानना है कि असली फ्लैशपॉइंट पश्चिम फिलीपीन सागर है।
चीनी दूतावास का पलटवार
इस पर चीनी दूतावास ने कहा, ‘घर में भेड़ियों को आमंत्रित करने और छोटे समूहों को शामिल करने से दक्षिण चीन सागर में मतभेदों को हल करने में मदद नहीं मिलेगी बल्कि इसके उलट स्थिति और जटिल हो जाएगी। साथ ही क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करेगा।’
दूतावास ने रोमुअलडेज से आग्रह किया है कि वह चीन से खतरा होने की अफवाहों को न फैलाएं। साथ ही नसीहत दी है कि अन्य देशों के प्रवक्ता के रूप में कार्य करने से बचें।
बीजिंग में फिलीपींस दूतावास ने अभी इस बयान पर कुछ नहीं कहा है। गौरतलब है, दक्षिण चीन सागर में समुद्री विवादों को लेकर तनाव बढ़ गया है।
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