
इंदौर। 1 अप्रैल से जनगणना का पहला चरण मकानों की गिनती के साथ शुरू हो रहा है। इंदौर जिले में भी इसकी तैयारी कलेक्टर शिवम वर्मा ने शुरू करवा दी। वहीं आज भोपाल में प्रदेशभर के कलेक्टरों-संभागायुक्त और निगमायुक्तों का एक दिवसीय प्रशिक्षण होगा, जिसकी शुरुआत में मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। यह राज्य स्तरीय प्रशिक्षण रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की मौजूदगी में आयोजित किया गया है।
इंदौर सहित सभी 55 जिलों के कलेक्टर, एक दर्जन संभागायुक्त और 16 निगमायुक्तों को जनगणना 2027 के पहले चरण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हालांकि मध्यप्रदेश में बीते सालभर से जनगणना निदेशक का पद भी खाली पड़ा है। पिछले दिनों केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना के लिए मकानों की गणना की तिथि घोषित करने के साथ प्रश्नावली और प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूप रेखा भी जारी कर दी। अब आज इन आला अफसरों को समय सीमा, प्रक्रिया और डाटा संग्रहण की पद्धति समझाई जाएगी, क्योंकि इस बार की जनगणना डिजीटल माध्यम से की जा रही है।
जनगणनाकर्मियों की नियुक्ति, बजट आवंटन, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रक्रिया के साथ-साथ मैदान में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी जानकारी दी जाएगी। मोबाइल एप्लिकेशन सहित डिजिटल प्लेटफॉर्म के संचालन के संबंध में भी इन अफसरों को बताया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दो चरणों में जो जनगणना होना है, जिसका पहला चरण अप्रैल से शुरू होगा, जिसमें 1 मई से 30 मई तक घर-घर जाकर मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य होगा और इसके पूर्व 15 दिन की समयावधि में एप के माध्यम से स्वगणना का विकल्प भी मौजूद रहेगा। इसका दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, जिसमें डिजिटल माध्यम से घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी, जिसके लिए संदर्भ तारीख 1 मार्च 2027 रखी गई है। प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति भी कर दी गई है।
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