
नई दिल्ली। एक रिपोर्ट में भारत (India) को चौथा सबसे समान देश बताए जाने पर कांग्रेस (Congress) पार्टी ने सवाल उठाए हैं और इसे सरकार की धोखाधड़ी (Fraud) और बौद्धिक बेईमानी (Intellectual Dishonesty) करार दिया है। कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार (Modi Goverment) आंकड़ों की हेराफेरी करके देश में बढ़ती असमानता की वास्तविकता को नहीं टाल सकती। दरअसल विश्व बैंक (World Bank) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि भारत में साल 2011-12 से लेकर 2022-23 के बीच तेजी से असमानता घटी है। रिपोर्ट में भारत को दुनिया में चौथा सबसे समान देश बताया गया है।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि ‘आप क्रोनोलॉजी समझिए। विश्व बैंक ने गरीबी और समानता पर अप्रैल 2025 में रिपोर्ट जारी की। इसके तुरंत बाद कांग्रेस ने बयान जारी किया जिसमें विश्व बैंक द्वारा भारत में गरीबी और असमानता के लिए बताए गए कई चेतावनी संकेतों की पहचान की गई। जिसमें सरकारी आंकड़ों में असमानता को कम करके आंकने की चेतावनी भी शामिल थी। इस रिपोर्ट के तीन महीने बाद 5 जुलाई को मोदी सरकार और उनके समर्थकों ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिसमें दावा किया गया कि भारत दुनिया के सबसे समान समाज वाले देशों में चौथे नंबर पर है।’ कांग्रेस का कहना है कि सरकार का डेटा सीमित उपलब्धता और अनिश्चित गुणवत्ता वाला डेटा है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved