
इंदौर। बीआरटीएस कॉरिडोर (BRTS corridor) को हटाने में ढिलाई तो जारी है ही, जिस पर हाईकोर्ट लगातार फटकार लगाता रहा, जिसके चलते अब नगर निगम ने सी-21 मॉल के सामने की तरफ के सेंट्रल डिवाइडर का निर्माण शुरू करवाया है। दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी ने भी चद्दरें ठोककर एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की तैयारी शुरू कर ली और फिलहाल मिट्टी परीक्षण जारी है और 15 फरवरी से फाउंडेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा। निगम ने दो पैकेज में सेंट्रल डिवाइडर के निर्माण का ठेंका दिया है, क्योंकि एलआईजी से नवलखा तक बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ सेंट्रल डिवाइडर भी पीडब्ल्यूडी ही बनवाएगा।
अभी निरंजनपुर और सत्यसांई चौराहा पर एमपीआईडीसी द्वारा फ्लायओवर का निर्माण करवाया जा रहा है। हालांकि काम की गति धीमी है और मंगल सिटी के सामने वाले हिस्से में मेन कैरेज-वे पर ट्रैफिक रोका गया है और साइड की सर्विस रोड से ही ट्रैफिक निकाला जा रहा है, जिसके चलते जाम की स्थिति भी लगातार रहती है। दूसरी तरफ निगम के जनकार्य समिति प्रभारी राजेन्द्र राठौर के मुताबिक, पिछले दिनों सेंट्रल डिवाइडर निर्माण के दो पैकेज मंजूर कर दिए थे, जिसके चलते भूमिपूजन के बाद ठेकेदार फर्म ने डिवाइडर का निर्माण भी मौके पर शुरू कर दिया है।
अभी विजय नगर से एलआईजी के बीच वाले हिस्से में यह काम शुरू होगा और उसके साथ ही नवलखा से राजीव गांधी चौराहा तक के हिस्से में भी सेंट्रल डिवाइडर बनना शुरू होंगे। लगभग 14 करोड़ रुपए की राशि निगम द्वारा खर्च की जा रही है, जिसकी ड्राइंग-डिजाइन भी महापौर पुष्यमित्र भार्गव से चर्चा के बाद फाइनल की गई। इस डिवाइडर पर ग्रीन री के साथ आकर्षक लाइटिंग भी लगाई जाएगी। अभी सी-21 मॉल से निरंजनपुर की तरफ और फिर नवलखा से राजीव गांधी की तरफ डिवाइडर निर्मित होंगे। अभी एक तरफ की रैलिंग निकाल दी गई थी और दूसरी तरफ की भी निकालना शुरू किया गया है, साथ ही बस स्टॉप को भी हटाया जाना है। वहीं पीडब्ल्यूडी ने एलआईजी से नवलखा तक एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की तैयारी भी कर ली है। अभी लगातार विभागीय मंत्री के अलावा अधिकारियों की बैठकें हुईं, जिसमें तय किया गया कि कॉरिडोर का निर्माण तो शुरू किया ही जाना है, क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसके स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं। हालांकि लगातार सुझाव और आपत्तियां भी सामने आ रही है।

©2026 Agnibaan , All Rights Reserved